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Life in miniature project started

“लाइफ इन मिनिएचर” परियोजना की शुरु


अनिवार्य प्रश्न । संवाद


“लाइफ इन मिनिएचर”, राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली और गूगल आर्ट्स एंड कल्चर की संयुक्त परियोजना है
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय से सैकड़ों लघु चित्रों को “लाइफ इन मिनिएचर” प्रोजेक्ट के माध्यम से दुनिया भर के लोग ऑनलाइन देख सकते हैं
g.co/LifeInMiniature लिंक पर क्लिक करने के बाद उपयोगकर्ता राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रसिद्ध लघु चित्रों के संग्रह को सम्पूर्ण विवरण के साथ देख सकते हैं


नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने वर्चुअल तरी​के से “लाइफ इन मिनिएचर” परियोजना की आज शुरुआत की। संस्कृति मंत्रालय के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय और गूगल आर्ट्स एंड कल्चर की संयुक्त परियोजना है।

परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ पहल की महत्ता और भारत की विरासत के संरक्षण में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपने नेतृत्व और उत्पाद नवीनता पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए गूगल की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशन के लिए गूगल की प्रतिबद्धता भारत के लिए एक सच्ची संपत्ति है।

श्री पटेल ने कहा कि “लाइफ इन मिनिएचर” नामक एक नयी परियोजना में दुनिया भर के लोग गूगल आर्ट्स एंड कल्चर पर आज से नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के कई सौ लघु चित्रों को देख सकेंगे। परियोजना में मशीन लर्निंग, संवर्धित वास्तविकता और उच्च परिभाषा रोबोट कैमरों के साथ डिजिटलीकरण जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर जादुई तरीके से कला के इन विशेष कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।

गूगल आर्ट्स एंड कल्चर ऐप पर ऑनलाइन दर्शक पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के साथ डिज़ाइन की गई पहली ऑगमेंटेड रियलिटी-संचालित आर्ट गैलरी का अनुभव कर सकते हैं और एक विशाल वर्चुअल स्पेस की अनंत संभावनाओं की खोज करें, जहां आप लघु चित्रों का चयन कर सकते हैं। प्रदर्शित की गई कलाकृतियां मानवीय संबंधों के पांच सार्वभौमिक विषयों प्रकृति, प्रेम, उत्सव, विश्वास और शक्ति के साथ मानव संबंधों के साथ प्रस्तुत की गई है।

इस परियोजना के लॉन्च का एक और मुख्य आकर्षण मशीन लर्निंग-आधारित एल्गोरिदम है जो ऑनलाइन लाए गए चित्रों के कॉर्पस के लिए है, ताकि उपयोगकर्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निर्देशित इन अनुपम लघु चित्रों का पता लगा सकें। एक लघु चित्रकला को देखना एक दुर्लभ आनंद है। इस अनुभव का नाम  “मैग्नफाइ मिनिएचर” है। जो ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को एक साथ कई कलाकृतियों का पता लगाने में सक्षम बनाता है जो एक शानदार नया अनुभव है।

उपयोगकर्ता “लाइफ इन मिनिएचर” के साथ g.co/LifeInMiniature पर कुछ ही क्लिक में राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रसिद्ध लघु चित्रों के संग्रह, जैसे रामायण, रॉयल गाथा, पहाड़ी शैली के चित्रों को सम्पूर्ण विवरण के साथ देख सकते हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय संग्रहालय और गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के बीच व्यापक सहयोग को मजबूत करती है जिसकी 2011 में एक साझेदारी शुरू हुई थी। गूगल ब्लॉगपोस्ट में इसके बारे में और पढ़ें।

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के बारे में :

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाला नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय देश का एक प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान है। राष्ट्रीय संग्रहालय में आज की तारीख में भारतीय और विदेशी मूल दोनों की 2,00,000 पुरातन और कला वस्तुएं हैं जो भारतीय और विदेशी दोनों मूल की सांस्कृतिक विरासत को 5,000 से अधिक वर्षों से कवर करता है। वर्तमान महामारी के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आगंतुक राष्ट्रीय संग्रहालय से जुड़ रहे हैं।

गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के बारे में :

एक क्लिक पर गूगल आर्ट्स एंड कल्चर पर 2,000 से अधिक संग्रहालयों का संग्रह देख सकते हैं। यह कला, इतिहास और दुनिया के अजूबों का पता लगाने का एक शानदार तरीका है। गूगल आर्ट्स एंड कल्चर ऐप आईओएस और एन्ड्रॉइड पर ऑनलाइन मुफ्त उपलब्ध है।

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