अनिवार्य प्रश्न

विद्यार्थियों पर बढ़ेगा खतरा, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराने जा रहा है केन्द्र


अनिवार्य प्रश्न । संवाद


अनिवार्य प्रश्न यह है कि जब जान संकट में है तो 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा कितनी जरुरी है व इतनी जल्दी क्यों जरुरी है। कोरोना वायरस का विस्तार रोक पाने में असमर्थ दुनिया और भारतीय सरकार अगर संक्रमण बढेगा तथा जान माल का नुकसान होगा तो क्या करेगी। उसे समझना चाहिए कि जान और जिन्दगी वापस नहीं आती। अन्तर बस इतना है परिक्षा नियामकों का हित परिक्षा कराना है। और विद्यार्थियों का उत्तीण होना है। 10 वीं और 12 वीं की छोटी परीक्षा के लिए जान को जोखिम में क्यों डाला जा रहा है।


दिल्ली। 20 मई को केन्द्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त समाचार के अनुसार बड़ी संख्‍या में छात्रों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराने को लॉकडाउन उपायों से छूट दी गई है। गृह मंत्री श्री अमित शाह ने के ट्वीट से प्राप्त तथ्यों के आधार पर विभिन्‍न बोर्ड अपने परीक्षा कार्यक्रम को अलग-अलग समय पर रखेंगे। परीक्षा में स्‍वास्‍थ्‍य व सफाई प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा।

सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्रों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए, यह फैसला किया गया है कि लॉकडाउन उपायों से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराने की छूट दे दी जाए। केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने एक ट्वीट कर यह जानकारी साझा किया है।

चूंकि लॉकडाउन उपायों पर दिशानिर्देशों के अंतर्गत स्कूलों को खोलने पर रोक लगा दी गई थी, राज्य शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई आदि द्वारा कराई जाने वाली 10 वीं और 12 वीं कक्षा की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं निलंबित कर दी गई थीं। बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए राज्य सरकारों और सीबीएसई से अनुरोध प्राप्त हुए थे।

इन पर गौर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों व संघ शासित प्रदेशों को पत्र लिखा ताकि परीक्षाएं कराने के लिए फिजीकल डिस्टेन्सिंग की शर्तों का पालन किया जा सके। सरकार की शर्तें हैं कि नियंत्रण वाले क्षेत्रों में, परीक्षा केन्‍द्र की इजाजत नहीं दी जाएगी। अध्‍यापकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए मास्‍क पहनना अनिवार्य होगा। परीक्षा केन्‍द्र में थर्मल स्‍क्रीनिंग और सेनीटाइजर का प्रावधान होना चाहिए और सभी परीक्षा केन्‍द्रों में सोशल डिस्‍टेंसिंग बनाकर रखनी होगी। विभिन्‍न बोर्डों द्वारा कराई जा रही परीक्षा को ध्‍यान में रखते हुए, परीक्षा का समय अलग-अलग रखा जाए। छात्रों को परीक्षा केन्‍द्रों में पहुंचाने के लिए राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा विशेष बसों की व्‍यवस्‍था की जा सकती है।

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