अनिवार्य प्रश्न
The world will continue to receive my words and my love: Chhatish Dwivedi 'Kunthit'

दुनिया को मिलता रहेगा मेरा उद्गार व मेरा प्यार: छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद


विश्व कल्याण में एक करोड़ पीपल वृक्ष लगाने का महाअभियान शुरु
काशी से शुरु हुआ विश्व मंगल का महाअभियान
कोरोना नहीं रोक पाया संकल्प के कदम, चल पड़ा एक करोड़ पीपल के पौधे लगाने का सफर
साहित्यकार छतिश द्विवेदी कुंठित ने लिया है एक करोड़ पीपल लगाने का दृढ़ संकल्प


वाराणसी। एक करोड़ पीपल वृक्ष लगवाने का महाअभियान आखिरकार आज आरंभ हो गया। वाराणसी की संस्था वाराणसी की ख्यात साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सेवा में लगी हुई संस्था ‘उद्गार’ के सहयोग से एक करोड़ पीपल लगाने का यह कार्य वाराणसी के श्री श्री संकट मुक्तेश्वर मन्दिर, वाजिदपुर, हरहुआ से उद्धाटित किया गया। एक करोड़ पीपल लगाने की योजना का नाम दुनिया के प्रति प्रेम जाहिर करने के लिए ‘लव यू दुनिया’ रखा गया है। पहली बार उद्घाटन में श्री मंदिर के पवित्र प्रांगण के निकट में दो पीपल के पौधे इस विश्व कल्याण की योजना को समर्पित कर रोपे गए।
हालांकि आज ही के दिन 16 अगस्त 2021 को ‘लव यू दुनिया’ याोजना को प्रारंभ करते हुए जौनपुर के घुरहूपुर में 04, गाजीपुर के बासूचक में 03 व चंदौली के घोड़सारी, शहाबगंज में 02 पीपल के पौधे लगाए गए। इस प्रकार शाम के चार बजे उद्धाटन के समय चारों जिलों में कुल 11 पीपल के पौधे लगाकर विश्व कल्याण की प्रार्थना की कई।
उल्लेखनीय है कि एक करोड़ पीपल लगाने का यह संकल्प साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठन ‘उद्गार’ के संस्थापक छतिश द्विवेदी कुंठित द्वारा लिया गया है। श्री कुंठित ने अपने जीवन में एक करोड़ पीपल के वृक्ष लगाकर जीवन की सार्थकता को और दुनिया के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करने का लक्ष्य रखा है। हरहुआ स्थित उद्घाटन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित सज्जनों में चंदौली से राष्ट्रपति द्वारा वन बंधु पुरस्कार से सम्मानित आदरणीय परशुराम सिंह जी, वाराणसी के जिला पुस्तकालय के लाइब्रेरियन कंचन सिंह परिहार, शैलेश मिश्रा, अधिवक्ता अनुराग पाण्डेय, कमलेश यादव, हर्षवर्धन ममगाईं, शिवकांत गोस्वामी, सुनील सेठ, डॉ राकेश कुमार, डॉक्टर लियाकत अली, श्री कृष्ण श्रीवास्तव, इन्द्रमणि दूबे, मुकेश दूबे, शहजाद राम प्रधान, अवधेश राम आदि की देखरेख में संपन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह अभियान एक स्थानीय संत राम अवतार बाबा जी से प्रेरित है। इसमें अलग-अलग जिलों व जगहों पर अलग-अलग लोग वृक्षारोपण प्रभारी बनाए गए और संस्था ने अलग-अलग जगहों पर पेड़ों की देखरेख व अभिरक्षा में लगे लोगों को पेड़ पालक की उपाधि से विभूषित करने का संकल्प दोहराया है। संस्था अपने मासिक तौर पर अपने द्वारा आयोजित साहित्यिक गोष्ठियों में अपने पेड़ पलकों को पेड़पालक सम्मान से समय-समय पर सम्मानित करती रहेगी।
संस्था के संस्थापक छतिश द्विवेदी कुंठित ने अपने जीवन में एक करोड़ पीपल के वृक्ष लगाकर दुनिया के प्रति अपने प्रेम को जाहिर करने के संकल्प को दोहराया है। और उन्होंने कहा कि एक करोड़ पीपल के पेड़ उस दौर में और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं जब हमारे लिए ऑक्सीजन की मात्रा घटती जा रही है। अब हम ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे हैं और विभिन्न कंपनियां रेस्त्रां की तरह ऑक्सीजन बार खोलने लगी हैं। श्री कुंठित ने अपने द्वारा लिखित किताब ‘लव यू दुनिया’ को शीघ्र ही लोगों के बीच प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराने की अपनी बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि पीपल की महत्ता को लोगों को समझाने के लिए शीघ्र ही हमारी एक किताब ‘लव यू दुनिया’ लोगों के बीच में उपलब्ध होगी। साथ ही उन्होंने आवाहन किया कि दुनियाभर के लोग जो ऑक्सीजन के महत्व को जानते हैं और पीपल के पेड़ को अन्य पेड़ों से श्रेष्ठ देववृक्ष समझते हैं उन्हें इसे लगाना चाहिए। जो ऐसा करेंगे वह दुनिया में बहुत बड़ा उपकार करेंगे। और यह कार्य हर व्यक्ति को करना चाहिए, खासकर उसको तो अवश्य करना चाहिए जो अपने जीवन में प्रदूषण बढ़ाने वाले विभिन्न कल कारखानों व मोटर वाहनों का इस्तेमाल करता है। हम अपनी सुन्दर दुनिया में प्रदूषण को जन्म दे रहे हैं। अब इसे बचाने की जिम्मेदारी हमारी ही है। हम अपने भविष्य से कोई बहाना नहीं बना सकते। दुनिया को मेरी संस्था उद्गार मन के उद्गार देती रहेगी, और मेरे पीपल प्यार देते रहेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि आइए हम वचन लें कि अपने इस दुनिया को और अधिक ऑक्सीजन और प्रेम से भर दें। इसे और अधिक सुंदर और मनोहर बना दें। उपस्थित अथितिजनों व पर्यावरणप्रेमियों ने भी इस संकल्प को सतत् आगे बढाने का संकल्प लिया।
कोषाध्यक्ष हर्षवर्धन ममगाई ने कहा कि श्री द्विवेदी का संकल्प ऐसा है कि मैंने तो पूरी जिन्दगी इसके लिए निछावर कर दिया है। अब लक्ष्य सिर्फ एक है पीपल और एक करोड़। सुन्दर दुनिया।

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