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देश की कोविड जांच क्षमता बढ़ी, अब प्रतिदिन तीन लाख लोगों की हो सकती है जांच


अनिवार्य प्रश्न । संवाद


दिल्ली। देश में संक्रमित लोगों में नोवेल कोरोनावायरस का पता लगाने के लिये लगातार जांच क्षमता बढ़ाई जा रही है। अब देश में प्रति दिन जांच क्षमता तीन लाख हो गई है। अब तक कुल 59,21,069 नमूनों की जांच की गई है और पिछले 24 घंटों में 1,54,935 नमूनों की जांच की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाले निजी प्रदाताओं के साथ सक्रिय सहयोग से बिस्तरों और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधायों की अधिक उपलब्धता तथा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं की उचित तथा पारदर्शी दरें तय करने को कहा है।

इस दिशा में तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने पहल कर ली है। इन राज्यों ने निजी क्षेत्र के साथ बातचीत करके वाजिब दरों और कोविड-19 के दाखिल मरीजों को महत्वपूर्ण सेवायें प्रदान करने के प्रबंध कर लिये हैं। राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाप्रदाताओं के साथ सक्रिय रूप से मिल कर सरकारी और निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का पूल बना कर उपयोग करवायें जिससे कोविड-19 के रोगियों को त्वरित, अच्छी और समुचित, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में मदद मिल सकेगी।

देश  में अब कुल 907 प्रयोगशालायें काम कर रही है। इनमे 659 सरकारी और 248 निजी प्रयोगशालायें हैं। इनका विवरण निम्नलिखित है—
रीयल टाइम आरटी- पीसाआर आधारित प्रयोगशालायें 534—सरकारी 347 और निजी 187
ट्रू एनएटी आधारित प्रयोगशालायें—302—सरकारी 287  और निजी 15
सीबीएनएएटी आधारित प्रयोगशालायें—71—सरकारी 25 और निजी 46
दिल्ली में जांच क्षमता बढ़ाने के लिये सभी 11 जिलों के लिये अलग से प्रयोगशालायें होंगी जहां संबंधित जिलों के नमूनों की जांच की जायेगी। प्रत्येक जिले के नमूने उसी जियले की प्रयोगसालाओं में भेजे जा रहे हैं ताकि समय पर जांड हो और बिना किसी देरी के परिणाम मिल सकें। वर्तमान में दिल्ली में42 प्रयोगशाला हैं जिनकी दैनिक जांच क्षमता लगभग 17 हजार है।
आरटी-पीसीआर कोविड-19 के निदान के लिये गोल्ड स्टैंडर्ड फ्रंटलाइन जांच है और इसकी देश भर  में  907 प्रयोगशालायें हैं । इनका उपयोग जांच क्षमता बढ़ाने के लिये किया जा  सकता है। हालांकि इस जांच के लिये विशेष प्रयोगशाला  सुविधाओं की जरूरत होती है और इन विशेष प्रयोगशालाओं में नमूने लाने का तथा अन्य वक्त मिला कर 2-5 घंटे का समय लगता है। ट्रू एनएटी और सीबी एएएटी प्रयोगशाला पोर्टेबल हैं यानि इन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है और इनका दूर दराज के इलाकों में उपयोग हो रहा है।
जांच को अधिक वाजिब और विश्वस्नीय, संवेदनशील और विशिष्टता के नुकसान के बिना जांच की मात्रा बढ़ाने के लिये आईसीएमआर ने पाइंट ऑफ केयर रेपिड एंटिजेन टेस्ट पर दिशा निर्देश जारी किये हैं जो निम्नलिशित लिंक पर हैं—
 रेपिड एंटिजेन टेस्ट का उपयोग कंटेनमेंट जोन और अस्पतालों या इस जैसी स्थिति में चिकित्सीय निरीक्षण में किया जा सकता है। मानक क्यू कोविड-19 एजी जांच किट परिणाम देने में 15 मिनट लेती है और इस प्रकार रोग का पता लगाना शीघ्र और आसान हो जायेगा। यह जांच स्वास्थ्य देखभाल जैसी स्थिति में नमूने संकलन के स्थान पर नमूने संकलन के 60 मिनट के भीतर किया जा सकता है। एंटिजेन टेस्ट किट की देश में विनिर्माण क्षमता  लगभग प्रति माह  दस लाख है। केन्द्र सुनिश्चित कर रहा है कि राज्यों के लिये आसानी से इस किट की खरीद के लिये इसके स्वदेशी विनिर्माताओं को जीईएम पोर्टल पर लाया जाये।
एलिसा और सीएलआईए एंटीबाडी जांच कोविड-19 पर काबू पाने में लगे बिना लक्षण वाले अग्रिम पंक्ति के कर्मियों, डाक्टरों, अर्ध चिकित्सा कर्मियों आदि के लिये किया जा सकता है ताकि उनका मनोबल बना रहे। इन्हें भी जीईएम पोर्टल पर लाया जा रहा है।
कोविड -19 संबंधित तकनीकी मुद्दों पर सभी प्रामाणिक और अद्यतन जानकारी के लिए, दिशा-निर्देश और सलाह नियमित रूप से देखें httpswww.mohfw.gov.in और @MoHFW_INDIA
कोविड -19 से संबंधित तकनीकी प्रश्न ncov2019@gov.in और @CovidIndiaSeva पर technquery.covid19@gov.in और अन्य प्रश्नों के लिए भेजे जा सकते हैं।
कोविड -19 पर किसी भी प्रश्न के मामले में, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर + 91-11-23978046 या 1075 (टोल-फ्री) पर कॉल करें।
कोविड -19 पर राज्यों  संघ राज्य क्षेत्रों की हेल्पलाइन नंबरों की सूची भी उपलब्ध है।

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