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भूख की पीड़ा से पसीजा वाराणसी नगर निगम का दिल, परोसा निराश्रित पशुओं को खाना


अनिवार्य प्रश्न । संवाद

ब्यूरो । वाराणसी


वाराणसी। लॉकडाउन में अभाव और भूख से आम आदमी व गरीब परेखान हैं। उनकी मदद सरकार द्वारा चालू कम्यूनिटी किचन और नगर के अनेक समाजसेवी एवं समाजसेवी संस्थाएं कर रही हैं। इसके साथ ही इस अकाट तथा लम्बे चलते जा रहे लॉकडाउन में निराश्रित पशु भी बेहद परेशान हैं। नागरिक घर से बाहर कम निकल रहे हैं और खाने के सामानों के अभाव का सामना रहे हैं ऐसे में सड़कों पर पशु सेवाकार कोई नहीं रह गया है। जो निराश्रित पशुओं को भोजन मुहैया कराए। अनेक निराश्रित पशु भूखे और तड़पते नगर भर में देखे जा सकते हैं।

ऐसे कठिन समय में धर्म भूमि बनारस में नगर निगम निराश्रितों की सेवा और उनके भोजन के लिए आगे आया है। नगर निगम के अनुसार काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव की नगरी में उनकी सवारी श्‍वान (कुत्‍ता) पर स्थानीय नगर नि‍गम वि‍शेष ध्‍यान दे रहा है। रोज बटते आहारों के फलस्वरुप निगम की गाड़ी देखते ही आवारा कुत्तों की भीड़ जमा हो जाती है। निगमकर्मी एक जगह खाना रख देते हैं और सारे जानवर वहां आकर खाना खाने लगते हैं।

वाराणसी नगर निगम के सूचना विभाग से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि नगर आयुक्त श्री गौरांग राठी जी के निर्देश के क्रम में कोई भी भूखा न रहे की सार्थकता को बनाए रखने के अभियान में 11 मई 2020 को जोनवार कुल 4020 श्वान व अन्य निराश्रित पशुओं को खाना उपलब्ध काराया गया। जिसमें आदमपुर 775, कोतवाली में 825, दशाश्वमेध में 835, वरुणापार में 750 और भेलूपुर जोन में 835 निराश्रित पशु पोषाहार ग्रहण किए। वाराणसी नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पशुपोषाहारों में सोयाबड़ी व चावल की खिचड़ी, बिस्कुट आदि खिलाया जा रहा है।

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