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‘‘उत्तराखंड एक स्वर्ग’’ शीर्षक से 20वें वेबिनार का आयोजन


अनिवार्य प्रश्न । संवाद


दिल्ली। वेबिनार श्रृंखला ‘‘देखोअपना देश’’ के 20वें सत्र में 16 मई, 2020 को ‘‘उत्तराखंडएक स्वर्ग’’ शीर्षक से आयोजित वेबिनार में उत्तराखंड के 2 क्षेत्रों केदारखंड (गढ़वाल क्षेत्र) और मनु खंड (कुमाऊं क्षेत्र) में पर्यटन की संभावनाओंको उजागर किया गया। इसके साथ ही इसमें गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व विरासत स्थल फूलोंकी घाटी जैसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को भी विशेष तौर पर दर्शाया गया।

इस वेबिनार सत्र को जाने-माने विद्वान, भोजन की उत्पत्ति के संबंध में ऐतिहासिक जानकारी रखने वाले एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ डॉक्टर पुष्पेश पंत, एक प्रसिद्ध लेखक, जाने-माने फोटोग्राफर एवं उत्तराखंड के इतिहास पर पकड़ रखने वाले जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर श्री गणेश शैली औरप्रमाणित प्रशिक्षक, आस्पेन एडवेंचर्स के प्रबंध निदेशक श्री शशांक पांडेने प्रस्तुत किया। इस सत्र की निगरानी पर्यटन मंत्रालय की अपर महानिदेशक सुश्री रुपिंदर बरार ने किया। इस वेबिनार में प्रस्तुतकर्ताओं ने ऋषिकेश एवं पिथौरागढ़ में रिवर राफ्टिंग, औली में विंटर गेम्स यानी जाड़े के दिनोंमें खेले जाने वाले खेलों एवं स्कीइंग, टिहरी बांध एवं कौसानी में पैराग्लाइडिंग, चोपता एवं पिंडारी ग्लेशियर में ट्रेकिंग के लिए उपलब्ध कई विकल्पों और ऋषिकेश में भारत की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग सुविधा जैसी उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं के बारे में विशेष रूप से बताया।

इन साहसिक गतिविधियों के अलावा, प्रस्तुतकर्ताओं ने इस सत्र में देश के सबसे पुराने राष्ट्रीय पार्क जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, राजाजी टाइगर रिजर्व और हिमालय क्षेत्र के वनस्पति एवं प्राणी जगत की समृद्ध विविधता को उजागर करते यूनेस्को स्थल नंदा देवी नेशनल पार्क जैसी जगहों का भ्रमण करते हुएप्रकृति का नजदीकी अनुभव करने के विकल्पों के बारे में भी बताया।

वेबिनार के प्रस्तुतकर्ताओं ने उत्तराखंड में ग्राम पर्यटन को विकसित और उजागर करने के प्रस्तावों के विशाल अवसरों के बारे में भी बताया। इसमें होमस्टेके बेहतरीन विकल्प के बारे में बताया गया जिसमें कोई भी व्यक्ति वहां केलोगों के आतिथेय का वास्तविक रूप में अनुभव कर सकते हैं। वहां के लोगहोमस्टे के दौरान वहां का बेहतरीन स्थानीय भोजन कराते हैं।

पर्यटन मंत्रालय की अपर महानिदेशक सुश्री रुपिंदर बरार ने उत्तराखंड को देवभूमि, देवताओं की ऐसी जगह जो हर तरह के पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है, कहते हुए सत्र का समापन किया। उत्तराखंड एक बहुआयामी जगह है जो पवित्र और धार्मिक होते हुए अपने मूल रूप में समृद्ध जैव विविधता वाले साहसिक खेलों का केंद्र भी है। उल्लेखनीय है कि देखोअपना देश श्रृंखला सत्रों का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस विभाग की सक्रिय मदद से होता है।

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