अनिवार्य प्रश्न
Medical screening is being done from house to house, home-based screening of people with symptoms

हो रही है घर-घर मेडिकल स्क्रीनिंग, लक्षणों वाले लोगों की घर से ही हो रही जाँच

 


अनिवार्य प्रश्न । कार्यालय संवाद


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घर-घर मेडिकल स्क्रीनिंग में संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों का सैम्पल लेकर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के पश्चात अस्वस्थ पाए गए लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री 11 जुलाई को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव ही इस रोग का उपचार है। इसलिए मास्क का उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को कोविड-19 के बचाव के सम्बन्ध में निरन्तर जागरूक किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पोस्टर-बैनर के साथ-साथ प्रिंट व इलेक्ट्राॅनिक मीडिया का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग क्षमता में निरन्तर वृद्धि किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आर0टी0पी0सीआर0 विधि से 30 हजार टेस्ट प्रतिदिन, रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से 15 हजार से 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन तथा ट्रूनैट मशीन के द्वारा 2 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाए। उन्होंने कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या में बढ़ोत्तरी करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वाले कोविड संक्रमित मरीजों को एल-1 कोविड चिकित्सालय में उपचारित
किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद कानपुर नगर, झांसी व मथुरा में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद झांसी में विशेष सचिव स्तर के नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संक्रमण को नियंत्रित करने की प्रभावी रणनीति तैयार करें। उन्होंने कहा कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ट्रेन व हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस व पी0ए0सी0 कार्मिकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने के निर्देश दिए।

स्वच्छता को जीवनचर्या का अंग बनाए जाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई अनेक बीमारियों से लोगों सुरक्षित रखती है। स्वच्छता के कार्यों मंे जनसहभागिता की बड़ी भूमिका है। उन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन, फाॅगिंग एवं स्वच्छता की प्रभावी कार्य वाही किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी जल भराव न हो। शुद्ध पेयजल हेतु पाइप पेयजल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। पीने के पानी में क्लोरीन की टैबलेट आदि का उपयोग किया जाए। ग्राम पंचायतों में तेजी से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में साॅलिड वेस्ट के लिए खाद का गड्ढा अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। इस प्रक्रिया से जहां एक ओर गांव में साफ-सफाई रहेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को जैविक खाद भी मिलेगी।

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