A huge number of papers rejected from many seats of Banaras, allegations are being made against the government, at this time these are the candidates in 8 seats of Varanasi

बनारस की कई सीटों से भारी मात्रा में पर्चा खारिज, सरकार पर लग रहे आरोप, वाराणसी की 8 सीट पर इस समय ये हैं प्रत्याशी


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।


वाराणसी। यू.पी. विधानसभा के चल रहे चुनाव समर में वाराणसी की अनेक सीटों पर काफी संख्या में उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई है। विधानसभा के निर्वाचन रण में यहाँ के आवेदकों के काफी आवेदन गलत व अपूर्ण बताकर खारिज कर दिए गए हैं। कई उम्मीदवारों को मानना है कि गलत आधार बताकर उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया है। ताकि इसका लाभ भाजपा को मिल सके।
कुछ उम्मीदवार तो सीधे-सीधे मौजूदा सरकार पर आरोप लगाए हैं कि उसे हमारी लोकप्रियता से भय था, इसलिए भाजपा सरकार ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए ने हमारे पर्चे को गलत कारण बताकर खारीज करा दिया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने तो एलकशन ऑफिसर्स के ऊपर भी खराब व्यवहार करने का आरोप लगाया है। और कहा कि जनप्रतिनिधि के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ भी जिला निर्वाचन कार्यालय के रिटर्निंग ऑफिसर अच्छा व्यवहार नहीं किये। वे अनुचित भाषा में व ऊँची आवाज में बात किये व पुलिसकर्मियों से बाहर धकेल दिया गया।

निर्दल चुनाव लड़ रहे आशीष पाण्डेय जो वाराणसी के 386 शिवपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में थे उनका भी आवेदन खारिज कर दिया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने खारिज करने के कारण में बताए गए कॉलम को ठीक ठीक भरा है। उसके बाद भी उनके पर्चे को अस्वीकृत व निरस्त कर दिया गया है। आशीष पाण्डेय का कहना है कि संशोधन व समीक्षा के लिए जो समय दिया गया था उस समय पर गेट बंद था। आवाज लगाने व पीटने पर भी वह गेट खोला नहीं गया और संशोधन का अवसर नहीं दिया गया। सीधे-सीधे आवेदन को खारिज कर दिया गया है इसमें भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। वह जान रही थी कि लोकप्रिय नेताओं के सामने हमारे अलोकप्रिय पूर्व विधायक व उम्मीदवार टिक नहीं सकते। इसलिए उसने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में वोट बढाने के लिए ऐसा किया है।

वहीं शिवपुर से ही आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार सतीश सिंह का कहना है कि निर्वाचन विभाग व जिला अधिकारी का फोन उठ नहीं रहा है और बिना संतोषजनक कारण दिए मेरा पर्चा निरस्त कर दिया गया है। भाजपा की सरकार में यह नया तो नहीं है लेकिन इस बात का बेहद दुख है कि गलत तथ्यों के आधार पर पर्चा निरस्त कर दिया गया। फार्म को तो वकील लोग ही भरते हैं, समय दिये होते तो त्रुटि ठीक की जा सकती थी। संशोधित करने का समय भी ठीक से नहीं दिया गया और संशोधन के लिए उम्मीदवार भीतर जा नहीं पाए। श्री सिंह के अनुसार भी भाजपा सरकार के इशारों पर भारी मात्रा में उम्मीदवारों के पर्चाे को निरस्त किया गया है। सरकार चाहे जिसकी भी हो अगर निर्वाचन प्रणालियों में किसी के इशारों पर हस्तक्षेप होगा तो प्रजातंत्र मर जाएगा। यू.पी. में आगामी विधानसभा के चुनाव के लिए वाराणसी की कुल आठ सीटों से भरे गए पर्चे, निरस्त व स्वीकृत किए गए पर्चे का विवरण नीचे निम्न है-
विधानसभा- कुल/ निरस्त/ स्वीकृत
1- पिंडरा-19/13/6
2- अजगरा-17/6/11
3-शिवपुर-23/17/6
4-रोहनिया-17/7/10
5-वाराणसी उत्तरी-16/7/9
6-वाराणसी दक्षिणी-20/7/13
7-कैण्ट-18/8/10
8-सेवापुरी-15/4/11
सूत्रों सेे प्राप्त जानकरी के अनुसार कुल 145 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल किया गया था जिनमें 76 प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकृत किये गये हैं जबकि 69 का आवेदन अस्विकृत कर दिया गया।


प्राप्त जानकरी के अनुसार वाराणसी की 8 सीट पर इस समय ये हैं प्रत्याशी हैं –


शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र
रविंद्र जायसवाल – भाजपा
अशफाक अहमद डब्लू – सपा
गुलेराना तबस्सुम – कांग्रेस
श्याम प्रकाश – बसपा
डॉ. आशीष कुमार जायसवाल – आम आदमी पार्टी
मोनू राय – बहादुर आदमी पार्टी
हरीश मिश्रा – ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन
आसिफ इकबाल – निर्दलीय
रोहनी जायसवाल – निर्दलीय

शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र
नीलकंठ तिवारी – भाजपा
मुदिता कपूर – कांग्रेस
कामेश्वर नाथ दीक्षित “किशन” – सपा
दिनेश कसौधन – बसपा
अजीत सिंह – आम आदमी पार्टी
अर्पण पाठक – लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)
परवेज कादिर खां – इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन,
बच्चे लाल – बहादुर आदमी पार्टी
वीरेंद्र कुमार – आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
शिव प्रसाद गुप्ता – राइट टू रिकॉल पार्टी
सुभाष चंद्र – राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी
अभिलाषा दीक्षित – निर्दलीय
रेयाजुद्दीन उर्फ़ नाटे – निर्दलीय

कैंटोंमेंट विधानसभा क्षेत्र
सौरभ श्रीवास्तव – भाजपा
राजेश कुमार मिश्र – कांग्रेस
पूजा यादव – सपा
कौशिक कुमार पांडेय – बसपा
नीलम वर्मा – बहादुर आदमी पार्टी
राकेश पांडेय – आप
शेख अंबर – राष्ट्रीय जनतांत्रिक भारत विकास पार्टी
श्रीकांत आर्या – बहुजन मुक्ति पार्टी
संतोष कुमार मौर्य – जन अधिकार पार्टी
शाहिद चौधरी – निर्दलीय

पिंडरा विधानसभा क्षेत्र
डॉ0 अवधेश सिंह – भाजपा
अजय राय – कांग्रेस
बाबू लाल – बसपा
अमरनाथ सिंह – आप
राजेश कुमार सिंह – अपना दल क
श्रीप्रकाश – निर्दलीय

अजगरा विधानसभा क्षेत्र
त्रिभुवन राम – भाजपा
रघुनाथ – बसपा
हेमा देवी – कांग्रेस
बागेश्वर – सर्वजन सनातन पार्टी
राजपति बनवासी – राष्ट्रीय विकास मंच पार्टी
विद्या देवी – बहुजन मुक्ति पार्टी
सत्यप्रकाश – आप
सीताराम – जन अधिकार पार्टी
सुनील कुमार – सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी
अनूप कुमार – निर्दलीय
विद्या प्रकाश – निर्दलीय

शिवपुर विधानसभा क्षेत्र
अनिल राजभर – भाजपा
गिरीश – कांग्रेस
रवि मौर्य – बसपा
अरविंद राजभर – सुभासपा
उषा – आम जनता पार्टी (इंडिया)
मनोज कुमार मौर्य – जन अधिकार पार्टी

रोहनिया विधानसभा क्षेत्र
अरुण – बसपा
राजेश्वर प्रसाद सिंह – कांग्रेस
अभय – अपना दल क
अमित पूरी – अपना भारतीय सनातन पार्टी
उर्मिला देवी – बहुजन मुक्ति पार्टी
पल्लवी – आप
सुनील – अपना दल (एस)
सुशील – जनता दल (यू)
संजीव – पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)
राजन कुमार सिंह – निर्दलीय

सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र
नील रतन सिंह – भाजपा
सुरेंद्र सिंह पटेल – सपा
अंजू – कांग्रेस
अरविंद कुमार त्रिपाठी – बसपा
कैलाश – आप
गुरु प्रसाद सिंह – लोकबंधु पार्टी
जयप्रकाश – इंसाफवादी पार्टी
सुरेंद्र – जन अधिकार पार्टी
संतोष – मौलिक अधिकार पार्टी
मनोज कुमार चौबे – निर्दलीय
सुनील पटेल – निर्दलीय

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