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Peepal saplings were planted in Harhua under 'Peepal Lagao Andolan'

‘पीपल लगाओ आन्दोलन’ के तहत हरहुआ में लगाये गये पीपल के पौधे


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।


‘पीपल लगाओ आन्दोलन’ गिनीज बुक में होगा दर्ज
सभी समसज सेवी संगठनो से पीपल लगाकर आन्दोलन में सूचिबद्ध कराने की अपील

 


वाराणसी। एक करोड़ पीपल के पेड़ लगाने के लिए चलाया जा रहा ‘पीपल लगाओ आंदोलन’ तीव्र गति से आगे बढ़ता जा रहा है। विगत दिनों पीपल के पौधों के लिए 5 जिलों में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद वाराणसी के हरहुआ में स्थित जूनियर हाई स्कूल के प्रांगण में पीपल के पौधों को लगाया गया। जिसमें वहां के शिक्षकों की महती भूमिका रही।

उद्गार संगठन के सहयोग से चलाये जा रहे ‘पीपल लगाओ आंदोलन’ के तहत एक करोड़ पीपल लगाया जाना है। जिसके क्रम में वाराणसी के हरहुआ स्थित राजकीय जूनियर हाई स्कूल में पीपल के पौधों का पौधा रोपण किया गया। इस कार्यक्रम के बाद स्कूल स्थित कार्यलय में एक गोष्ठी हुई जिसमें ‘पीपल की वर्तमान आवश्यकता और उससे जुड़ी भ्रांतियाँ’ विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें वक्ताओं ने पीपल को आक्शीजन का प्रमुख श्रोत माना और इसे देव वृक्ष बताते हुए इससे जुड़ी भ्रांतियों को गलत ठहराया। सभी ने पीपल को लेकर जागरुकता बढ़ाने की मुख्य जरुरत पर और अधिक काम करने की बात को स्वीकार किया। गोष्ठी में जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाध्यापिका शिरोमणि देवी, सीमा श्रीवास्तव, शोभा सिंह, शशि कला पाण्डेय, कुमुद सिंह एवं कादंबिनी श्रीवास्तव सहित वहां के कई शिक्षक और शिक्षिकायें मौजूद रहीं।

संस्था की ओर से इस कार्यक्रम में ‘पीपल लगाओ आंदोलन’ के संस्थापक छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’ सहित कई साहित्यकार व समाजसेवी मौजूद रहे जिसमें श्रीकृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव, संतोष कुमार प्रीत, चंद्रप्रकाश सिंह, शैलेश मिश्रा, राजेश कुमार, सुनील कुमार सेठ, अधिवक्ता अनुराग पाण्डेय व विश्व सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह आदि लोग शामिल थे।

संस्था ने एक वक्तव्य जारी कर प्रेस को बताया है कि सार्वजनिक रुप से अनेक संगठनों से यह आवाहन किया गया था कि वह पीपल के इस आंदोलन में अपनी भूमिका अदा करें व अपने सदस्यों से पीपल के पौधे लगवा कर पीपल आंदोलन में सूचीबद्ध कराएं। इस अपील के बाद अनेक संगठनों के सकारात्मक प्रतिसाद प्राप्त हुए हैं जिसमें पहले सहयोगी संगठन विश्व सनातन सेना ने बढ़ चढ़कर पीपल के पौधों पर में अपना सहयोग देने का वचन दिया है। और उसने ‘पीपल लगाओ आंदोलन’ के डिजिटल प्रोफाइल लोगों को अपने प्रोफाइल लोगो से मर्ज कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है।

संस्था सभी सामाजिक संगठनों से पुनः आवाहन कर रही है कि समाज कल्याण व प्राणी जीवन की प्रधान आवश्यकता को देखते हुए पीपल के पौधे अधिक से अधिक मात्रा में लगाकर और उसकी रक्षा के लिए एक व्यक्ति को पेड़ पालक बनाकर ‘पीपल लगाओ आंदोलन’ में सूचीबद्ध कराएं व गिनीज बुक में नाम दर्ज कराएं। सभी लोग प्राणियों के जीवन की रक्षा में मदद करें ताकि वर्तमान समय में ऑक्सीजन की गिरती हुई दर को संभाला जा सके। संस्था ने अपने इस आंदोलन को गिनीज बुक में पंजीकृत कराने के प्रयासों को तेज कर दी है।

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