अनिवार्य प्रश्न
B J P. Daughters are not safe under the rule of SP Mahila Sabha President

भा.ज.पा. के राज में बेटियाँ सुरक्षित नहीं : सपा महिलासभा अध्यक्ष


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद


वाराणसी। समाजवादी पार्टी की महिलासभा अध्यक्ष ने अपने वाहन को विगत दिनों धक्का मारने, अभद्र व्यवहार करने एवं जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में 04 जुलाई 2021 को पराड़कर भवन में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। सपा महिलासभा अध्यक्ष पूजा यादव ने पत्रकारों से कहा कि विगत दिनों मेरे साथ हुई घटना पर कार्यवाही की मांग को लेकर सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनधिमंडल पुलिस उपायुक्त काशी जोन अमित कुमार से मिला था, जिसके उपरांत 29 जून वह व्यक्ति पुनः उसी सफारी (UP65 CF 0707) रथयात्रा में दिखा। तो हमने तत्काल स्थानीय थानाध्यक्ष को सूचना दी।

अपेक्षा के अनुरुप पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को खोज निकाला। और हमें पहचान करने के लिए थाने बुलवाया। 2 घंटे इंतजार के बाद आरोपी आया जिसकी पहचान करके हमने उस वही व्यक्ति होने की पुष्टि की। महिलासभा अध्यक्ष के अनुसार आरोपी का नाम सत्यप्रकाश सिंह है और वह भेलूपुर का निवासी है।

उल्लेखनीय है कि यह घटना दिनांक 22 जून 2021 को सायं लगभग 04ः30 बजे की है जिसपर अब मुकदमा भी लिखा जा चुका है। उक्त महिला नेता का आरोप यह है कि पुलिस ठीक प्रकार से कार्यवाही नहीं कर रही है और ऐसा प्रतीत हो रहा कि पुलिस पर दबाव है, आरोपी सत्यप्रकाश सिंह ने दबाव बनाया है। आरोपी को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

पूजा यादव ने प्रेस को बताया है कि बीच सड़क में आरोपी मेरी गाड़ी को धक्का मारते हुए, मेरी गाड़ी को ओवरटेक कर के आगे आता है और नशे में धुत होकर गाली गलौज करता है, जान से मारने की धमकी देता है और मुकदमा दर्ज होता है सिर्फ 504 व 506 जैसी धाराओं में। यह सोचने की बात है। पूजा यादव ने कहा कि इस संधर्भ में सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा व महानगर उपाध्यक्ष अनील सिंह पटेल के साथ एसीपी दशास्वमेघ ए०के० पाण्डेय व इंस्पेक्टर लक्सा महातम यादव से बात करने उनके दशास्वमेघ कार्यालय पहुँची तो इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी मांफी माँग रहा है, वहीं एसीपी साहब भी समर्थन में हैं कि आप माफ कर दीजिए व एसीपी पाण्डे जी स्वंय आरोपी की तरफ से मांफी मांग रहे हैं और कहते हैं कोई सी सी टी वी फुटेज नहीं है ऐसी परिस्थिति में आप लोगों का विवाद कैसे सिद्ध होगा कि ये सब हुआ।

और जब 323 धारा लगाने की बात हुई तो बोले कि वो नहीं लग सकता, असलहा से आरोपी ने धमकी नहीं दिया है। नेता का कहना है कि जब उसने पूछा कि आरोपी तो धमकी देने के बाद भी खुलेआम घूम रहा है तो इंस्पेक्टर महातम यादव बोले कि घूमेगा नहीं तो क्या जेल में रहेगा। सपा नेताओं का कहना है कि इससे साफ जाहिर होता है इसमें पुलिस की भूमिका भी आरोपी के साथ देने की है। अनिवार्य प्रश्न यह है कि अगर जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदमी के साथ क्या कुछ नहीं होता होगा। क्या स्थानीय पुलिस इसी तरह आम जनता को न्याय दिलाती है?

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