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Corona infects will be checked in Varanasi from house to house, campaign started for a month now

वाराणसी में कोरोना संक्रमितों की घर-घर होगी जाँंच, अभी एक महीने के लिए अभियान शुरु


अनिवार्य प्रश्न । ब्यूरो संवाद


मोबाइल वार्ड क्लीनिक वाहन में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, जीवन रक्षक दवाओं के साथ हैं आवश्यक मेडिकल जांच उपकरण रहेगें मौजूद

जिलाधिकारी वााराणसी कौशल राज शर्मा ने बताया कि कोरोना की जाँच और इलाज के लिये लोगों को अस्पतालों में आने की अब नहीं होगी जरूरत


वाराणसी। जिले में विगत 15 दिनों के अंदर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में हुए बढ़ोतरी को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल रोक लगाए जाने के प्रयास बढ़ा दिए हैं। अब कोरोना के लक्षण की जांच एवं इलाज के लिए लोगों को ओपीडी एवं अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा, हर मोहल्ले में ही डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ जाकर संक्रमित मरीजों की जांच कर इलाज सुनिश्चित करेंगे।

वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा 16 जुलाई को शुरू किए गए इस नए अभियान के 15 मोबाइल वार्ड क्लीनिक वाहनों को कमिश्नर दीपक अग्रवाल एवं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कमिशनरी स्थित कार्यालय परिसर से संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस मोबाइल वार्ड क्लीनिक वाहन में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एलोपैथिक, होम्योपैथी व आयुर्वेद की जीवन रक्षक दवाओं एवं आवश्यक मेडिकल जांच उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित कराया गया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि मोबाइल वार्ड क्लीनिक के माध्यम से एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में एक-एक मोबाइल वार्ड क्लीनिक वाहन आगामी एक माह तक चक्रमण करेंगी। उन्होंने बताया कि मोहल्ले में लाउड हेलर, आशा एवं एएनएम के माध्यम से लोगो को एकत्र कर उनका मौके पर ही स्क्रीनिंग एवं जांच कराए जाएंगे। कोरोना के लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति का मौके पर ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इससे अब लोगों को ओपीडी, ईएसआई एवं अन्य अस्पतालों में आने की जरूरत नहीं होगी।

जिलाधिकारी ने आगे कहा कि विगत 15 दिनों में कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित कराया गया है, ताकि कोरोना के संक्रमण पर रोक लगाया जा सके। इस मोबाइल वार्ड क्लीनिक द्वारा जिन लोगों को शुगर एवं ब्लड प्रेशर आदि बीमारी पूर्व से है, उनका भी इलाज किया जाएगा ताकि वे भविष्य में कोरोना वायरस से संक्रमित न होने पाएं। उन्होंने बताया कि मोबाइल वार्ड क्लीनिक वाहन में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं एवं मेडिकल जांच उपकरण उपलब्धत कराया गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी में 800 से अधिक कोरोना के एक्टिव मरीज हैं, सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक हजार भी हो जाएगी तो कोई परेशानी नहीं होगी। तीन हजार तक भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो कुछ स्कूल भवन चिन्हित किए गए हैं उन्हें अस्पताल में कन्वर्ट कर मरीजों का इलाज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ निजी विद्यालय जो अच्छी दशा में हैं उनके प्रबंधन से वार्ता करके सूची तैयार कर ली गई है, कुछ इंटर कॉलेज भवन में भी व्यवस्था जरूरत के अनुसार बेड एवं डाक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करके किया जाएगा। इसके साथ ही यदि आवश्यकता पड़ी तो शहर के कुछ चिकित्सालयों के बेड, वहां के स्वास्थ कर्मी तथा वेंटीलेटर आदि को सरकारी अस्पताल से जोड़कर भी चलाया जाएगा और यदि जरूरत नहीं पड़ी तो सरकारी अस्पताल में ही इलाज होता रहेगा।

श्री शर्मा ने बताया कि मैन पावर एवं लैब टेक्नीशियन की भी व्यवस्था की जा रही है। जिले में ए सिंप्टोमेटिक मरीजों की संख्या है जो वास्तव में चिंता का विषय है। किंतु सभी के स्वास्थ्य की पूरी तरह निगरानी जिला प्रशासन करेगा। बीएचयू में 400 बेड की व्यवस्था है, अभी वहां पर केवल 150 बेड का ही संचालन और उपयोग हो रहा है। जरूरत के अनुसार 50-50 बेड की बढ़ोतरी करके पूरी क्षमता से संचालित कराया जाएगा।

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