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Diploma Engineer Association on the movement due to non-acceptance of reasonable demand, harassment and unilateral action

वाजिब माँग न मानने, उत्पीड़न करने एवं एकपक्षीय कार्यवाही करने के कारण आन्दोलन पर डिप्लोमा इंजीनियर संघ


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।


वाराणसी। लोक निर्माण विभाग के प्रबंधन एवं प्रमुख अभियंता के द्वारा विभिन्न मांगों को न माने जाने एवं मांग करने वालों के खिलाफ एक पक्षीय एफ आई आर दर्ज कराने की संस्तुति जैसी कई एकपक्षीय कार्यवाहियों के कारण डिप्लोमा इंजीनियर संघ बेहद नाराज हो गया है और शीघ्र ही एक संघर्षपूर्ण आन्दोलन की रूपरेखा तैयार कर विरोध पर उतर सकता है।

संगठन का कहना है कि उसकी कई मांगे व जायल अपेक्षाएं पूरी नहीं हो रही हैं, सभी संबंधित उच्चधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है एवं मांग करने वाले इंजीनियर के साथ एक पक्षीय कार्यवाही की जा रही है। यहां तक कि एफ आई आर दर्ज कर कार्यवाही और मुकदमा दर्ज करने की बात की गई है। डिप्लोमा इंजीनियर संघ की एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें उक्त संघर्ष के लिए निर्णय लिया गया।

संगठन ने कई सारी मांगें अपने पत्र के माध्यम से प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ, उत्तर प्रदेश को प्रेषित किया। संगठन के अनुसार वह विभागीय तानाशाही रवैया के विरुद्ध संघर्ष तेज करेगा। संगठन के प्रवक्ताओं का कहना है कि समस्या/मांग विभाग द्वारा शताब्दी वर्ष मना रहे डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के परिप्रेक्ष्य में दुर्भावनावश निर्गत किये गये विरोधाभाषी एवं धमकी भरे पत्र दिनांक 25.05.2022 को तुरन्त निरस्त किया जाय। इस विरोधाभाषी पत्र को जारी कर पूरे प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर्स संवर्ग में आक्रोश पैदा करने वाले जिम्मेदार अधिकारी को दण्डित किया जाय। फर्जी मुकदमा वापस लिया जाय तथा पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विभागीय उत्पीड़न बन्द किया जाय।

साथ ही इं0 शैलेन्द्र कुमार यादव, वरिष्ठ स्टाफ आफीसर द्वारा दिनांक 27.5.2022 को दोपहर कार्यालय परिसर में सशस्त्र अराजक तत्वों को बुलाकर आतंक एवं भय का माहौल उत्पन्न करने हेतु विभागीय कार्यवाही कर दण्डित किया जाय तथा इन्हें अधिष्ठान से स्थानांतरित किया जाय। ई-स्टीमेट प्रणाली को तत्काल लागू कर मुख्यालय पर व्याप्त जूनियर इंजीनियर्स एवं सहायक अभियंताओं का आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण बन्द किया जाय। सरकार की मंशा के अनुसार पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मास व्यवस्था बनायी जाय। मुख्यालय द्वारा निर्गत अव्यवहारिक पत्र दिनांक 07.5.2022 को रद्द किया जाय। दिनांक 05.05.2022 को सम्पन्न संघ की ग्रीवान्स बैठक में प्रमुख अभियंता द्वारा लिये गये निर्णय को नीति में यथावत समाहित किया जाय। जब तब ये सारी गाँगें पूरी नहीं होतीं संगठन अपना संघर्ष जारी रखेगा।

 

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