Organized awareness program based on natural farming

आयोजित किया गया प्राकृतिक खेती पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम


अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।


वाराणसी। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर, वाराणसी की ओर से जनपद के किसानों को गांव आधारित प्राकृतिक खेती जीरो बजट खेती से आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए 14 से 16 दिसंबर 2021 तक प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा था। प्रशिक्षण के अंतिम दिन 16 दिसंबर 2021 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के किसानों को सम्बोधन टेलीकास्ट के माध्यम से सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में कराया गया। कार्यक्रम के आरंभ में केंद्र के अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र रघुवंशी ने आए हुए माननीय आगंतुकों व सम्मानित किसानों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आज के कार्यक्रम का उद्देश्य विषय से को अवगत कराया।
आज दिनांक 16 दिसंबर 2021 के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रहलाद गुप्ता, संयोजक भारतीय जनता पार्टी विधानसभा सेवापुरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए किसानों से आवाहन किया कि तीनों माँ पैदा करने वाली मां, धरती मां व गौ माँ का बचाव कर प्राकृतिक खेती व जैविक खेती को अपनाएं।

विशिष्ट अतिथि के रुप में राजेश राजभर व राजकुमार पटेल मंत्रीगण भारतीय जनता पार्टी काशी क्षेत्र ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों को प्राकृतिक खेती कर पुरानी पद्धति पर जाकर स्वस्थ मन व स्वस्थ तन बनाने हेतु प्रेरित किया। गो आधारित प्राकृतिक खेती का सीधा प्रसारण गुजरात राज्य से पूरे भारत में टेलीकास्ट के माध्यम से कराया गया जिसमे वहां से प्रथम संबोधन मुख्यमंत्री गुजरात भूपेंद्र भाई पटेल तत्पश्चात केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व गृह मंत्री अमित शाह ने किया।

गुजरात के माननीय राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा की उन्होंने गो आधारित प्राकृतिक खेती की शुरुआत कर किसानों को जागरूक करना शुरू किया आपके गांव के एक किसान दवा छिड़काव करते समय बेहोश हो गया यह बात जब आपको मालूम हुई तो लगा कि हम गुरुकुल के बच्चों को खाना खिलाते हैं वह प्रदूषित हैं उसी दिन से उन्होंने यह ठान लिया कि अब हम प्राकृतिक खेती करेंगे। इस पर गहन अध्ययन वैज्ञानिकों से कराया व मिट्टी की जांच भी कराई जिसका आर्गेनिक कार्बन 0.2 से 0.4 तक निकला पहले आप ने स्वयं 8 एकड़ से प्राकृतिक खेती शुरू किया 1 साल के अंदर खेत का ऑर्गेनिक कार्बन 0.5 से 0.7 तक बढ़ गया। प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोबर से जीवामृत अमृत, संजीवनी बनाकर खेतों में प्रयोग करते हैं इस पर आंध्र प्रदेश हिमाचल प्रदेश व गुजरात में हजारों किसानों को प्रशिक्षण देकर जागरूक कर रहे हैं और किसान अब प्राकृतिक खेती करने भी लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधा प्रसारण के माध्यम से किसानों से आवाहन किया कि वह गो आधारित प्राकृतिक खेती को पुनर्जीवित कर प्रदेश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं और ज्यादा से ज्यादा देसी गायों का संरक्षण कर देश को समृद्ध एवं शक्तिशाली बनाएं जो किसानों व देश के हित में होगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत के बताए रास्ते पर अगर किसान चलें तो ही सभी का कल्याण होगा। प्रगतिशील किसान कैलाश नारायण सिंह ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कहा।

इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ समीर पांडे, डॉ एनके सिंह, डॉ नरेंद्र प्रताप, राणा पियूष सिंह व अरविंद गौतम ने भी भाग लिया।

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