अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी – सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर रेलवे क्रॉसिंग पर एक 18 वर्षीय युवती ने परिजनों की डांट से नाराज होकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवती रेलवे ट्रैक पर जाकर लेट गई। इसी दौरान राहगीरों की सूचना पर पहुंची महिला पुलिसकर्मी ने अपनी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचा ली। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, बीती रात करीब 11रू45 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आशापुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक युवती रेलवे पटरी पर लेटी हुई है। सूचना मिलते ही आशापुर चौकी प्रभारी दीक्षा पाण्डेय तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि युवती रेलवे ट्रैक पर लेटी थी और उसी दिशा से एक ट्रेन तेज रफ्तार में आ रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला दारोगा ने बिना देर किए युवती को ट्रैक से खींचकर सुरक्षित किनारे कर लिया। युवती के ट्रैक से हटते ही कुछ ही क्षण बाद ट्रेन वहां से गुजर गई। पुलिस युवती को आशापुर चौकी लेकर पहुंची, जहां उसकी काउंसलिंग की गई। काफी देर बाद युवती सामान्य हुई और उसने अपना नाम पिंकी (18) बताया। पुलिस के मुताबिक, वह मूल रूप से पटना की रहने वाली है और वर्तमान में आशापुर क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर काम या पढ़ाई कर रही है। काउंसलिंग के दौरान युवती ने बताया कि उसके भाई ने उसे इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया अकाउंट चलाने से मना किया था। पिछली रात भाई ने उसे इस बात को लेकर डांटा, जिससे वह काफी आहत और नाराज हो गई। इसी गुस्से और भावनात्मक तनाव में उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर अपनी जान देने का प्रयास किया। पुलिस की समझाइश और काउंसलिंग के बाद युवती ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में इस तरह का कदम नहीं उठाने का भरोसा दिया। देर रात पुलिस ने उसके सहकर्मियों को चौकी बुलाया और युवती को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी। Post navigation उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल में आई आकस्मिक बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न