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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के खतरे के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के खतरे के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य व कूटनीतिक गतिरोध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर बढ़ते दबाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द ही शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बड़े तेल संकट का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भारत सहित दुनिया के कई विकासशील देशों में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।


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उत्तर भारत

कोडीन कफ सिरप की 7500 बोतलें जब्त; दो गिरफ्तार
कोडीन कफ सिरप की 7500 बोतलें जब्त; दो गिरफ्तार

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

पटना: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पटना में कोडीन आधारित कफ सिरप की एक बड़ी खेप को पकड़ा है। राजेंद्रनगर टर्मिनल के पास से एक पिकअप ट्रक से अवैध रूप से ले जाई जा रही कफ सिरप की 7,500 बोतलें जब्त की गई हैं।

डीआरआई को कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध डायवर्जन के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर अधिकारियों ने राजेंद्रनगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक टाटा इंट्रा पिकअप ट्रक को रोका। जांच के दौरान, ट्रक में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिपोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड (ESkuf) सिरप की भारी मात्रा बरामद हुई।

मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों ने पुलिस को उक्त सिरप से संबंधित एक कंसाइनमेंट नोट और चालान दिखाया। हालांकि, डीआरआई की गहन पूछताछ और अनुवर्ती कार्रवाई में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पता चला कि जिस फर्म के नाम पर यह खेप भेजी गई थी, उसका ड्रग लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका है और वह फर्म अपने पंजीकृत पते पर मौजूद ही नहीं है।

कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, डीआरआई ने बरामद कफ सिरप की 7,500 बोतलें और परिवहन में इस्तेमाल किए गए पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है। पकड़े गए दोनों व्यक्तियों को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

डीआरआई अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के उनके व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। फिलहाल, इस अवैध आपूर्ति श्रृंखला, इसके पीछे के वित्तीय संबंधों और इसमें शामिल अन्य संदिग्ध फर्मों व व्यक्तियों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है।

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समग्र भारत

देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर दौड़ने को तैयार, भारतीय रेलवे ने जिंद-सोनीपत रूट पर संचालन को दी मंजूरी
देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर दौड़ने को तैयार, भारतीय रेलवे ने जिंद-सोनीपत रूट पर संचालन को दी मंजूरी

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

नई दिल्ली। देश में हरित और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। उत्तरी रेलवे के हरियाणा स्थित जिंद-सोनीपत खंड को इस दूरगामी परियोजना के लिए पायलट मार्ग के रूप में चुना गया है, जहाँ 1200 किलोवाट इंजन वाली यह 10 डिब्बों वाली अत्याधुनिक रेलगाड़ी 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। इस क्रांतिकारी कदम के साथ ही भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा और विशिष्ट देशों के समूह में शामिल हो गया है, जो स्वच्छ रेल संचालन के लिए इस पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह से भारत के राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा और शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों के अनुरूप है।

यह स्वदेशी ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन (डीजल) का एक बेहद कुशल और स्वच्छ विकल्प है, क्योंकि हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली बनाती है जिसमें केवल जल वाष्प (पानी की भाप) का ही उत्सर्जन होता है। ट्रेन के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए जिंद में ही एक स्वदेशी हाइड्रोजन भंडारण और ईंधन भरने (रिफ्यूलिंग) की विशेष सुविधा स्थापित की गई है, जिसके लिए पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने लाइसेंस भी जारी कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यहाँ एक अतिरिक्त कंप्रेसर यूनिट की व्यवस्था की गई है, साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे संयंत्र में अत्याधुनिक हाइड्रोजन रिसाव और आग का पता लगाने वाले सेंसर लगाए गए हैं, जिनकी नियमित रूप से जांच और सफाई की जाएगी।

अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा अनुमोदित नियमों के तहत इस ट्रेन का संचालन और रखरखाव किया जाएगा, जिसके तहत दिल्ली के शकुरबस्ती में एक विशेष रखरखाव सुविधा भी तैयार की जा रही है। यात्रियों और ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद कड़े प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, जिसमें ईंधन भरने वाली प्रणाली की चौबीसों घंटे निगरानी, प्रमाणित विशेषज्ञों की तैनाती और नियमित तकनीकी ऑडिट शामिल हैं। शुरुआत के शुरुआती परिचालन चरण में किसी भी तकनीकी सहायता के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी ट्रेन के भीतर सफर करेगी। भारतीय रेलवे की यह अनूठी पहल न केवल परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि आने वाले समय में भारतीय रेल के सफर को पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल बना देगी।

अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलावों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई उच्चस्तरीय समिति
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