Category: लेख/आलेख

लेख/आलेख

मृत्यु के बाद उपयोगी बनना है, तो देहदान करें :   कल्पना पांडे

आलेख। कुछ महीने पहले मैंने देहदान का निर्णय लिया और मुंबई के के.ई.एम. अस्पताल जाकर उसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। समाज में मृत्यु संबंधी अंधविश्वासों, रूढ़ियों और गलतफहमियों को दूर…

डब्ल्यूटीओ में भारत की व्यापार नीति की समीक्षा: दुनिया भारत की प्रगति पर ध्यान दे रही है

श्री राजेश अग्रवाल पारदर्शिता बनाए रखना, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का एक संस्थागत कार्य है और व्यापार नीति समीक्षा (टीपीआर) इसके विभिन्न तरीकों में से एक है। यह समय-समय पर…

प्रकृति का न्याय: धूप, हवा और पानी की तरह बुद्धि का वितरण भी सभी के लिए समान — डॉ. दयाराम विश्वकर्मा

बुद्धि एक ऐसी मानसिक क्षमता है जो तर्क करने, योजना बनाने, समस्याओं को हल करने, अमूर्त रूप से सोचने व अनुभवों से सीखने में मदद करती है। यह प्रकृति द्वारा…

अधिकारी होना: मज़ा भी और सज़ा भी : डॉक्टर दयाराम विश्वकर्मा

हाँ, तो बात हो रही थी— “अधिकारी होना: मज़ा भी और सज़ा भी।” तो आइए देखें कैसे अधिकारी होना मज़ा और सज़ा दोनों होता है। अधिकारी बनने पर जहाँ एक…

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