Complaint filed over alleged violent remark against the Prime Minister; Delhi CMO forwards the matter to Minister Ashish Sood.Complaint filed over alleged violent remark against the Prime Minister; Delhi CMO forwards the matter to Minister Ashish Sood.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शशांक शेखर त्रिपाठी ने एफआईआर और फॉरेंसिक जांच की मांग की; सोशल मीडिया रील के संदर्भ में कार्रवाई का अनुरोध

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक प्देजंहतंउ त्ममस में कथित रूप से प्रयुक्त हिंसक भाषा को लेकर अधिवक्ता एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजकर थ्प्त् दर्ज करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत की प्रति दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय और उपराज्यपाल कार्यालय को भी भेजी गई है।

शिकायत के अनुसार, संबंधित रील में कथित तौर पर सीजेपी के लोग सड़क पर मोदी को ठोकने आए थे” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कथन की गंभीरता को देखते हुए इसकी आपराधिक एवं सुरक्षा संबंधी जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की भाषा सार्वजनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के लिए चिंताजनक हो सकती है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपने प्रार्थना-पत्र में रील के मूल स्रोत, वक्ता, ऑडियो, एडिटिंग, मेटाडाटा तथा उपलब्ध डिजिटल सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही प्रदर्शन के आयोजकों और समन्वयकों की भूमिका की जांच तथा सीसीटीवी मोबाइल वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है।

शिकायत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। हालांकि शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति या संगठन को दोषी ठहराने के बजाय उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है, ताकि किसी संभावित उकसावे, समर्थन या पूर्व नियोजित रणनीति की स्थिति स्पष्ट हो सके।

इस बीच दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए इसे संबंधित विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने के कारण दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद के कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भेजे गए ई-मेल में शिकायतकर्ता को भी प्रतिलिपि में शामिल किया गया है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि मामला केवल सोशल मीडिया पर वायरल किसी बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सत्यता, संदर्भ, उद्देश्य और संभावित राजनीतिक या आपराधिक पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक इकाई की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

Powered by Syahi Prakashan | Anivarya Prashna News & Web Group