अनिवार्य प्रश्न। संवाद। लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, पद्म विभूषण श्रद्धेय स्व. कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि एवं हिन्दू गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने श्रद्धेय बाबूजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके चरणों में अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मौर्य ने उपस्थित जनसमूह के साथ भारत माता की जय और जय राम के उद्घोष किए। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक गौरव, जनकल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति के हितों के लिए समर्पित रहा। बाबूजी ने अपने सिद्धांतों और विचारों से कभी समझौता नहीं किया तथा राष्ट्र और समाज के लिए सत्ता से बड़ा त्याग का मार्ग चुना। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर का निर्माण श्रद्धेय कल्याण सिंह बाबूजी के त्याग, संकल्प और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट आस्था की गौरवपूर्ण परिणति है। मुख्यमंत्री पद का त्याग कर उन्होंने जिस प्रतिबद्धता का परिचय दिया, उसने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की देखरेख में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ है, जिससे देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तथा समस्त हिन्दू समाज का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। मौर्य ने श्रद्धेय कल्याण सिंह बाबूजी को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किए जाने की अपनी मांग को पुनः दोहराते हुए कहा कि बाबूजी जैसे महान राष्ट्रसेवक को यह सर्वाेच्च नागरिक सम्मान मिलना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन दूर नहीं, जब श्रद्धेय बाबूजी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक , उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, पूर्व सांसद राजवीर सिंह जी ‘राजू भैया’, मा0 जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्यजन की गरिमामयी उपस्थिति रही। Post navigation गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा, पीडीए का पी एक दिन पाकिस्तान कर देंगे…सीएम योगी