Flower petals were showered from a helicopter upon Shiva devotees in Kashi, and the sky resounded with chants of "Har-Har Mahadev."Flower petals were showered from a helicopter upon Shiva devotees in Kashi, and the sky resounded with chants of "Har-Har Mahadev."

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने हेलिकॉप्टर से शिवभक्तों पर की पुष्पवर्षा

वाराणसी। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को धर्मनगरी काशी में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देवाधिदेव महादेव के दर्शन-पूजन के लिए उमड़े शिवभक्तों और कांवड़ियों पर जिला प्रशासन की ओर से हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्पवर्षा की गई। आसमान से बरसती फूलों की पंखुड़ियों और नीचे गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर, काशी के कोतवाल काल भैरव मंदिर तथा अन्य प्रमुख शिवालयों में बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से शिवभक्तों के स्वागत और उनके उत्साहवर्धन के लिए हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। जैसे ही हेलिकॉप्टर ने श्रद्धालुओं के ऊपर से उड़ान भरते हुए पुष्पवर्षा शुरू की, भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर और ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ इस दृश्य का स्वागत किया। इस दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने हेलिकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की। आसमान से गिरती गुलाब की पंखुड़ियों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

श्रावण मास में काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर सोमवार को कांवड़ियों और शिवभक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। तीसरे सोमवार को काशी के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कांवड़िये गंगाजल लेकर बाबा के जलाभिषेक के लिए मंदिरों की ओर बढ़ते नजर आए। हर ओर भगवा रंग, हाथों में कांवड़ और जुबां पर ‘बोल बम’ का उद्घोष दिखाई दिया। हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने इस धार्मिक माहौल को और भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं ने इसे बाबा विश्वनाथ की नगरी में प्रशासन की ओर से किया गया विशेष स्वागत बताया। काशी में श्रावण मास के दौरान शिवभक्ति का यह उत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे शहर को एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है। तीसरे सोमवार को हुई पुष्पवर्षा ने इस भक्ति और उत्सव के माहौल को और यादगार बना दिया।

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