अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था ‘उद्गार’ के तत्वावधान में रविवार को उद्गार सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार देवेंद्र पांडेय ‘बेचौन आत्मा’ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अनिल सिन्हा ‘बहुमुखी’ उपस्थित रहे। संस्था के संस्थापक पं० छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. लियाकत अली ‘जलज’ ने किया। गोष्ठी का सफल संयोजन जी० एल० पटेल ‘अयन’ ने किया। गोष्ठी के दौरान अगस्त माह में जन्मे साहित्यकारों डॉ. लियाकत अली ‘जलज’, मुमताज़ हसन एवं खुशी मिश्रा का जन्मोत्सव हर्षाेल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था की ओर से सभी साहित्यकारों को सर्टिफिकेट, अंगवस्त्रम एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, समाज, संस्कृति और समसामयिक विषयों को अभिव्यक्ति दी। कविताओं, गीतों एवं साहित्यिक प्रस्तुतियों से सभागार देर तक गुंजायमान रहा। उपस्थित साहित्यकारों ने साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा समाज में साहित्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। आयोजन में विनय कुमार गुप्ता ‘तनहां’, जी० एल० पटेल ‘अयन’, माधुरी मिश्रा ‘मधु’, ध्रुव सिंह चौहान, आशिक बनारसी, खलील अहमद राही, मुनिन्द्र पांडेय ‘मुन्ना’, जयप्रकाश मिश्रा ‘धानापुरी’, गोपाल केसरी, अजफर बनारसी, बुद्धदेव तिवारी, जगदीश नारायण गुप्ता, प्रदीप कुमार, मो० आमिर, बृज उत्साह, भानु प्रताप राय सहित अनेक साहित्यकारों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित सुधी श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘उद्गार’ की यह मासिक साहित्यिक गोष्ठी साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना को समर्पित संस्था की निरंतर साहित्यिक सक्रियता का महत्वपूर्ण उदाहरण रही। Post navigation डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर बनारस किला में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित केरल का नाम बदलकर हुआ केरलम राष्ट्रपति मुर्मू ने दी विधेयक को मंजूरी