अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। बाबतपुर (वाराणसी) । डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को बाबतपुर स्थित बनारस किला में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एस.आर. शिक्षण समिति, वाराणसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान, अखंड भारत के प्रति उनके संकल्प तथा राष्ट्रवादी विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ. मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र सेवा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके पश्चात उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध लोक विधा कजरी की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति की छटा बिखेर दी। लोक कलाकारों के सुर और संगीत ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान अतिथियों एवं विशिष्ट व्यक्तियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा नेता रविशंकर सिंह, हौसिला पांडेय सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। Post navigation स्वतंत्रता दिवस पर सुहाना में नए सेक्शन की शुरुआत, महिलाओं के परिधानों की नई और विस्तृत रेंज अब एक ही छत के नीचे कविता, संस्कृति और सम्मान का संगम बना “उद्गार” सभागार, मासिक कवि गोष्ठी में सजी साहित्यिक महफिल