अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। महामना मालवीय मिशन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आजीवन सदस्य, आईआईटी के पूर्व छात्र एवं प्रख्यात समाजसेवी इंजीनियर सुरेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी के निधन पर आज मालवीय भवन में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उनका देहावसान बीते सोमवार, दिनांक 29 जून 2026 को काशी में हो गया था। स्वर्गीय त्रिपाठी जी की पावन स्मृति में आज पूर्वाह्न 11.30 बजे से आयोजित इस सभा में महामना मालवीय मिशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। श्रद्धांजलि सभा में अपने उदगार व्यक्त करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष विजय नाथ पाण्डेय ने कहा इंजीनियर सुरेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी जी का निधन महामना मालवीय मिशन और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे महामना के आदर्शों के सच्चे संवाहक थे। उनका सादगीपूर्ण जीवन, समाज के प्रति समर्पण और मिशन के कार्यों में उनका सक्रिय योगदान हमेशा हम सभी को प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्रीय सचिव गोविंद अग्रवाल ने कहा त्रिपाठी जी ने एक कुशल इंजीनियर और समाजसेवी के रूप में समाज में जो प्रतिमान स्थापित किए, वे अनुकरणीय हैं। उन्होंने हमेशा मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाई। उनका जाना हमारे लिए एक अत्यंत दुखद क्षण है, हम उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। संगठन मंत्री प्रमील पाण्डेय ने महामना के सपनों के श्संघ भवनश् के ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने में दिवंगत त्रिपाठी जी के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति उनकी वैचारिक निष्ठा सदैव अविस्मरणीय रहेगा। सभा के अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारी एवं गणमान्य जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। संचालन महामंत्री प्रोफेसर शैलेन्द्र’कुमार गुप्ता ने किया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अन्य लोगों में विपिन किशोर सिन्हा,डॉक्टर दीपक गौतम,बृजभूषण पाण्डेय, श्रीहर्ष सिंह,प्रोफेसर आभा त्रिवेदी,जयशंकर पाण्डेय ,प्रदीप कुमार त्रिपाठी आदि रहे। Post navigation उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के प्रयासों से गाँवों का हो रहा समग्र विकास, प्रगति के पथ पर अग्रसर उत्तर प्रदेश