अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। शास्त्री घाट, वरुणा पुल कचहरी वाराणसी में 29 अगस्त से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का शनिवार को आठवां दिन रहा। इस अवसर पर यूजीसी रोलबैक एवं आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में छात्रों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता दर्ज कराई। महापंचायत में जनमानस कल्याण सेवा समिति, करणी सेना, हिंदू युवा शक्ति, श्रवण आर्मी, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा, परशुराम सेवा ब्राह्मण महासभा सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने यूजीसी की नीतियों और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए सरकार एवं प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि युवाओं और छात्रों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि विवादित नीतियों को तत्काल वापस लिया जाए तथा आरक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाए। महापंचायत में प्रमुख रूप से बृजेश मिश्रा, अविनाश मिश्रा, गौतम मिश्रा, बल्लू, विनोद पांडेय, शिवम पाठक, सोनू पंडित, स्वर्ण आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण मिश्रा, हिंदू युवा शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्भय क्रांति, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के वाराणसी जिलाध्यक्ष अजय तिवारी, चंदन बाबा, विजय उपाध्याय, कैप्टन सतीश चौधरी, राजश्री प्रसाद सोनी एवं आयुष मिश्रा सहित हजारों की संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। Post navigation ग्रेटर नोएडा में 16 वर्षीय किशोरी से बस में सामूहिक दुष्कर्म मामले पर NHRC सख्त, पुलिस से मांगी विस्तृत रिपोर्ट राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली