Major decision by NCERT: New team formed for Class 11 and 12 Political Science textbooks; four members linked to the RSS.Major decision by NCERT: New team formed for Class 11 and 12 Political Science textbooks; four members linked to the RSS.

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 11वीं और 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली टीम का पुनर्गठन किया है। एनसीईआरटी के मुताबिक, इसका मकसद किताबों में सांस्कृतिक जड़ों, भारतीय ज्ञान प्रणालियों और समावेशिता को शामिल करना है।

नई टीम में कम से कम चार ऐसे शिक्षाविद और विद्वान शामिल हैं, जिनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध बताया गया है। इनमें यदुनाथ देशपांडे, प्रशांत दिवेकर, वंदना मिश्रा और रवि रमेशचंद्र शुक्ला शामिल हैं। इस टीम को किताबों में भारतीय सांस्कृतिक जुड़ाव, भारतीय ज्ञान परंपरा और समावेशिता को शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। टीम को 11वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक इस साल नवंबर तक और 12वीं कक्षा की किताब अगले साल जुलाई तक तैयार करने का निर्देश दिया गया है। नई टीम का नेतृत्व शिक्षाविद और राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री करेंगे। वह कर्नाटक स्थित डीम्ड विश्वविद्यालय निट्टे के उपाध्यक्ष हैं।

शिक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। संगठन के रिकॉर्ड के अनुसार, वह महाराष्ट्र में एबीवीपी के संयुक्त राज्य संगठन सचिव रह चुके हैं। उन्होंने छात्र संगठन में मुंबई-कोंकण इकाई में संगठन सचिव के रूप में भी काम किया है। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल में उन्हें भाजपा का राजनीतिक सलाहकार बताया गया है।

प्रशांत दिवेकर पुणे की ‘ज्ञान प्रबोधिनी’ से लंबे समय से जुड़े हैं। यह आरएसएस से संबद्ध संस्था है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के राष्ट्रीय मार्गदर्शन मिशन पोर्टल पर उपलब्ध उनकी प्रोफाइल के अनुसार, उनका दृष्टिकोण भारतीय शिक्षा दर्शन पर आधारित है। उन्होंने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा में योगदान देने की जानकारी भी दी है।

वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज में प्रोफेसर हैं। वह एबीवीपी की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं। रवि रमेशचंद्र शुक्ला जेएनयू के सेंटर फॉर कंपेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वह ‘इंडियन जर्नल ऑफ डेमोक्रेटिक गवर्नेंस’ के संपादकीय बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। इस पत्रिका का प्रकाशन ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप-रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी’ करता है, जो आरएसएस से जुड़ा शिक्षण संस्थान है।

नई टीम में जेएनयू के प्रकाश कंडपाल, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की नीधि गुप्ता, चाणक्य विश्वविद्यालय के चेतन सिंघई, दिल्ली विश्वविद्यालय की सुकांशिका वत्स, इग्नू के सतीश कुमार, राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के दिवांशु श्रीवास्तव, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के प्रणव गुप्ता, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नंद किशोर और उत्कल विश्वविद्यालय की स्वप्ना प्रभु शामिल हैं।

इसके अलावा एनसीईआरटी की सविता सागर, बंगलूरू स्थित सरकारी प्रथम श्रेणी महाविद्यालय के एमएन सुरेश कुमार, नवी मुंबई महानगरपालिका विद्यालय की डायना इसाबेल और एसएचवीएनएम राजकीय बालिका प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज की एन भारणी भी टीम का हिस्सा हैं। एनसीईआरटी के वंथंगपुई खोबुंग और सुभाष सिंह टीम के सदस्य समन्वयक और सह-समन्वयक होंगे। एनसीईआरटी निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, टीम सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, भारतीय ज्ञान प्रणालियों, पर्यावरण शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति और शिक्षण-अधिगम सामग्री से जुड़े पाठ्यचर्या समूहों से मार्गदर्शन लेगी।

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