अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि विक्रम ने अपने फ्लैट के बाहर शोर मचाने और शराब पीने का विरोध किया था। इसके बाद वहां मौजूद डिलीवरी कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया। आरोपियों ने विक्रम को मुक्कों और घूंसों से बुरी तरह पीटा। मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनका बेटा याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल ले गया। इलाज के दौरान विक्रम की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, विक्रम अपने घर के सामने हो रहे शोर-शराबे से परेशान थे। वहां डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारी मौजूद थे। आरोप है कि वहां शराब भी पी जा रही थी। विक्रम ने शोर और शराब पीने का विरोध किया। इसके बाद बात बढ़ गई और उन पर हमला कर दिया गया। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि पुलिस को विक्रम से मारपीट की पीसीआर कॉल मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि विक्रम पर हमला करने वालों में डिलीवरी कर्मी और ढाबा कर्मचारी शामिल थे। सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि ये सभी अलग-अलग ढाबों और फूड स्टॉल पर काम करते हैं। मामले की जांच अभी जारी है। सी. विक्रम सिंह मणिपुर के वेस्टर्न म्यूजिक क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम थे। वह गिटार बजाते थे और कई बैंड के साथ काम कर चुके थे। विक्रम ने अल्ट्रा वाइर्स, फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड के साथ गिटार बजाया था। वह मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के सबसे बड़े बेटे थे। विक्रम लंबे समय से किलोकरी में रह रहे थे। वह मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे। उनकी मौत के बाद पूर्वाेत्तर के संगठनों ने घटना पर दुख और विरोध जताया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी ने विक्रम की मौत पर दुख जताया। संगठन ने घटना को बेमतलब की हिंसा बताया। साथ ही अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की अपील की गई। संगठन ने दोषियों को सजा दिलाने की मांग भी की। वहीं, पूर्वाेत्तर के संगठनों ने घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। फिलहाल पुलिस सात गिरफ्तार आरोपियों और हिरासत में लिए गए नाबालिग से जुड़े मामले की जांच कर रही है। Post navigation बीएसए बनकर 50 लाख की ठगी साइबर ठग गिरफ्तार दो दिवसीय यूपी टेक्स-2026 का हुआ शुभारंभ, टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगी नई उड़ान