अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और श्विकसित ग्राम-विकसित भारतश् के संकल्प को गति देने के लिए आज, 16 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य श्पंच सम्मेलनश् का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम पंचायत प्रधान हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश से 350, बिहार से 75, झारखंड से 50 और उत्तराखंड से 25 प्रधान शामिल हैं। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना और वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के जमीनी स्तर पर प्रभावी व परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत तैयारियों को मजबूत करना है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान तथा ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे मुख्य रूप से शामिल होकर ग्राम प्रधानों का मार्गदर्शन करेंगे। दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत सत्र से शुरू होने वाले इस सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुति देंगी, जबकि जीआईजेड (ळपर््), प्रदान (च्त्।क्।छ) और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (छप्त्क्च्त्) जैसी संस्थाएं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, सहभागी योजना निर्माण, पारदर्शिता, जवाबदेही और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर अभिसरण (ब्वदअमतहमदबम) पर विशेष सत्र आयोजित करेंगी। चारों राज्यों से आए ग्राम प्रधानों के लिए यह सम्मेलन अपने-अपने राज्यों के जमीनी अनुभवों, नवाचारों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सीख को साझा करने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा, जो अंततः भारतीय ग्रामीण विकास को एक नई और प्रगतिशील दिशा देगा। Post navigation वाराणसी को जाम से मिलेगी मुक्ति: वरुणा नदी के किनारे ₹10,998 करोड़ की लागत से बनेगा शानदार 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर महानिदेशक कारागार प्रशासन ने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश