A major confluence of three expressways to be built in Etawah, UP; Atal Expressway project gets approval.A major confluence of three expressways to be built in Etawah, UP; Atal Expressway project gets approval.

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

इटावा । उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो चुकी है… इटावा के कुदरैल गांव में ऐसा ट्रंपेट जंक्शन बनाया जाएगा… जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे पहली बार एक ही इंटरचेंज पर आपस में जुड़ेंगे… बता दें कि, केंद्र सरकार ने अटल एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी है… करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 414 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ेगा… इस मेगा परियोजना के पूरा होने के बाद प्रदेश के 12 जिलों की कनेक्टिविटी और यात्रा दोनों पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी

महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है उत्तर प्रदेश का पहला तीन एक्सप्रेसवे का महासंगम इटावा जिले की ताखा तहसील के कुदरैल गांव में बनने जा रहा है – (बता दें कि) पहले चंबल एक्सप्रेसवे के नाम से प्रस्तावित इस परियोजना का नाम – अब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में अटल एक्सप्रेसवे रखा गया है – इसके बनने के लिए सरकार ने कुदरैल गांव में करीब 120 हेक्टेयर जमीन ली है – (बता दें कि) इस परियोजना को इस तरह बनाया जाएगा कि गाड़ियां बिना रुके एक एक्सप्रेसवे से दूसरे एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगी – करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 414 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा को मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश के इटावा से जोड़ेगा – अटल एक्सप्रेसवे के बनने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन जाएगा – (जो) राज्य के तीन सबसे महत्वपूर्ण रोड कॉरिडोर- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और अटल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा – (वहीं) इंटरचेंज के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल, फ्यूल स्टेशन और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी (जिससे) क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे

सरकार का मानना है कि अटल एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि चंबल क्षेत्र के विकास का नया आधार बनेगा… बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और उद्योग को रफ्तार मिलेगी… किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी… वहीं, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे… यानी कभी डाकुओं की पहचान रहा चंबल इलाका… अब हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और विकास की नई मिसाल बनने की ओर बढ़ रहा है…

Powered by Syahi Prakashan | Anivarya Prashna News & Web Group