अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही लोग कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन को आतुर रहे। मंगला आरती के साथ ही बाबा के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु जल लेकर बाबा के धाम में पहुंचे। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे से पूरे परिसर गूंज उठा। आज विश्वनाथ धाम में सात लाख से ज्यादा भक्तों और कावंड़ियों के दर्शन का अनुमान है। तस्वीरों में देखें- झलकियां श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर एसडीएम शंभू शरण के अनुसार, गंगा द्वार के दर्शनार्थियों को मुख्य तीन रास्तों की ओर डायवर्ट किया गया है। इन्हें वाईएसके -2 सहित सरस्वती द्वार की ओर भेजा जा रहा है। गेट नंबर 4, सिल्को गली द्वार, काशी द्वार 4 बी, नंदूफारिया द्वार, सरस्वती फाटक और ढूंढिराज प्रवेश द्वार से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं गंगा की ओर से आवागमन नहीं कर सकते। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार यानी आज सात नहीं, छह गेट से ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। आज भक्तों को धाम के गंगा-भैरव द्वार की ओर से दर्शन-पूजन करने की अनुमति नहीं दी गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते सुरक्षा कारणों से गंगा द्वार बंद कर दिया गया है। भक्तों को अन्य तीन द्वारों से धाम में प्रवेश दिया जा रहा है। इससे पहले भक्त दशाश्वमेध और शीतला घाट पर स्नान कर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गंगा द्वार से ही कतारबद्ध होते थे। रविवार को गंगा का जलस्तर 63.78 मीटर पर पहुंच गया जिसके चलते एहतियातन गंगा द्वार को बंद कर दिया गया है। ऐसे में अब बाकी द्वारों पर पहले से ज्यादा दर्शनार्थियों को प्रवेश कराने का दबाव है। ललिता घाट बंद होने से छह द्वारों से ही दर्शन-पूजन की लाइनें चल रही हैं। इसके अलावा गंगा आरती के सामने घाट के पत्थरों पर बैठकर आरती देखने की भी व्यवस्था पर भी रोक लगा दी गई है। सावन के दूसरे सोमवार पर अस्सी घाट से जल भर कर सीरगोवर्धन के यादव बंधुओं ने बीएचयू के काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाअभिषेक किया। सावन के दूसरे सोमवार पर दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ के मणि मंदिर में शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने जल अर्पित किए। Post navigation पत्नी की हत्या, 2 माह बाद सूटकेस में मिली थी लाश