अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद कर फरार हुए आरोपी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की वाराणसी फील्ड इकाई और सिलवासा पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट से आरोपी ऋषभ कुमार सिंह को पकड़ा। वह वहां नाम और पहचान छिपाकर मजदूरी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, तीन अगस्त 2026 को सिलवासा के टोकर खड़ा क्षेत्र स्थित एक मकान से सूटकेस के अंदर महिला का शव बरामद हुआ था। शव करीब दो महीने पुराना था। मृतका की पहचान छोटी उपाध्याय के रूप में हुई। मकान मालिक जब किसी अन्य व्यक्ति को कमरा किराये पर देने के लिए पहुंचा और दरवाजा खोला तो दुर्गंध आने पर घटना का पता चला। जांच में सामने आया कि शव को प्लास्टिक से ढककर सूटकेस में बंद किया गया था। हत्या के बाद से आरोपी सिलवासा से फरार था। वह वाराणसी और आसपास के इलाकों में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव और उपनिरीक्षक विनय मौर्य की टीम ने सिलवासा पुलिस के साथ मिलकर सोमवार को शुभकामना रियल टेक एलएलपी, इंडस्ट्रियल एस्टेट चांदपुर के पास दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के सिउर गांव का निवासी है। उसने अपने ही गांव की छोटी उपाध्याय से प्रेम विवाह किया था। इस मामले में बिहार के रोह थाने में अपहरण का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद ऋषभ के परिवार वाले छोटी को बहू के रूप में स्वीकार नहीं कर रहे थे। छोटी लगातार पति पर उसे ससुराल ले जाने का दबाव बना रही थी। इसी पारिवारिक विवाद के बीच नौ जून 2026 की शाम सिलवासा स्थित किराये के कमरे में ऋषभ ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद शव को सूटकेस में बंद कर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी को सीजेएम वाराणसी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसका ट्रांजिट रिमांड ले लिया गया है। अब सिलवासा पुलिस आरोपी को अपने साथ ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। Post navigation प्रदेश के मदरसों में मनाया जाएगा हर घर तिरंगा अभियान, अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री ने दिए निर्देश सावन का दूसरा सोमवार काशी में भक्तों का सैलाब, विश्वनाथ धाम में छह द्वार से प्रवेश