Bookings open for up to 50% subsidy on plant protection equipment and grain storage bins (Bakhari).Bookings open for up to 50% subsidy on plant protection equipment and grain storage bins (Bakhari).

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

चन्दौली। विभिन्न पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट व रोग नियंत्रण योजनांतर्गत जनपद के किसानों के लिए अच्छी खबर है। चालू वित्तीय वर्ष में चन्दौली को कुल 312 कृषि रक्षा उपकरणों एवं अन्न भंडारण बखारों के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसके तहत पात्र किसानों को उपकरणों के क्रय पर 50 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि शासन द्वारा जनपद को 31 मानव चलित स्प्रेयर, 63 शक्ति चलित (पावर) स्प्रेयर तथा सुरक्षित अन्न भंडारण हेतु 218 बखारी का लक्ष्य आवंटित किया गया है।

मानव चलित स्प्रेयरर यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,500 (जो भी कम हो)। शक्ति चलित (पावर) स्प्रेयर यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹3,000 (जो भी कम हो) । अन्न भंडारण बखारी लघु एवं सीमान्त कृषकों को सुरक्षित अनाज भंडारण हेतु बखारी के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹2,000 का अनुदान देय होगा।
स्प्रेयररू किसान अपनी स्वेच्छा से खुले बाजार से किसी भी कंपनी का आई.एस.आई. र्का कृषि रक्षा यंत्र खरीद सकते हैं। जिन उपकरणों के आईएसआई मानक तय नहीं हैं, उन्हें केंद्रीय संस्थाओं या कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा निर्धारित मानकों व उपयोगिता के अनुसार खरीदा जा सकेगा। बखारी (अन्न भंडारण) इसकी अधिकतम क्षमता 5 कुन्तल (24 गेज, दो बंद व्यवस्था) तथा 3 कुन्तल एवं 2 कुन्तल (24 गेज, 1 बंद युक्त) होनी चाहिए। गुणवत्ता के लिए यह अनिवार्य है कि बखारी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया की उच्च गुणवत्तायुक्त जी.पी. शीट से ही निर्मित हो।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि योजना का लाभ पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत दिया जाएगा। इच्छुक और पात्र किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पद पर जाकर तुरंत अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं। पोर्टल से टोकन कन्फर्म होने के बाद 10 दिनों के भीतर चयनित किसान को स्वयं अपना क्रय बिल www.agriculture.up.gov.in पोर्टल पर अपलोड करना होगा। बिल अपलोड करने की जिम्मेदारी खुद किसान की होगी। बिल अपलोड होने के बाद विभाग के संबंधित कर्मचारियों द्वारा यंत्र का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होते ही अनुदान की धनराशि सीधे किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिशियरी ट्रांसफर के माध्यम से भेज दी जाएगी। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के किसान भाइयों से अपील की है कि वे समय से पोर्टल पर बुकिंग कराकर इस अनुदान योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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