Data obtained from the census is primary and fundamental to nation-building – Satyendra Kumar.Data obtained from the census is primary and fundamental to nation-building – Satyendra Kumar.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

प्रशिक्षण के बाद किसी कार्मिक की ड्यूटी नहीं कटेगी, ये सुनिश्चित किया जाए-जिलाधिकारी

वाराणसी। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा तथा जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सदानंद गुप्ता द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हायर तिब्बती स्टडीज (बपीजे) में संचालित हो रहा है। जो 12-14 अक्टूबर तक चलेगा। एडीएम एफ़आर सदानंद गुप्ता द्वारा जनगणना के बिंदुओं से सभी ट्रेनर्स को अवगत कराया।

ज़िलाधिकारी ने कहा कि यह जनगणना-2027 हमारे लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना निर्वाचन।एक्यूरेट और त्रुटिहीन जनगणना के लिए आपको प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आप जो डेटा इकट्ठा करेंगे उसी आधार पर सरकार लोगों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार करेगी। सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना-2011 के आधार पर पीएम आवास और आयुष्मान योजना को सरकार ने लागू किया था। आपके माध्यम से जो डेटा प्राप्त होगा उसी के आधार पर आगे की योजनाएं तैयार की जाएगी। ओडीएफ के तहत ग्रामीण शौचालय के निर्माण और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को सेन्सस-2011 के आधार पर लागू किया गया था। सेन्सस-2027 के डेटा के माध्यम से अगले दस साल के लिए योजनाएं बनाई जाएगी। सेन्सस को तय समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए, इसके लिए रुचि लेकर प्रशिक्षण प्राप्त कर बेहतर कार्य योजना तैयार कर ली जाए।

सेल्फ एन्युमेरेटर के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की कोशिश करें। सोलह नवंबर से शुरू होगा। इसमें पचास प्रतिशत कार्य नवंबर में ही पूरा करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने एडीएम को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण खत्म होने के बाद सारी सामग्री उपलब्ध करवा दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसी कार्मिक की ड्यूटी नहीं कटेगी, ये सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि आप इसे बर्डन न समझे, बल्कि अपनी ज़िम्मेदारी से पूरा करें।उन्होंने भारत को एक मात्र ऐसा देश बताया जहां समय से निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर सरकार का गठन किया जाता है। कहा कि आस पास के पड़ोसी देशों की हालत बेहद खराब है। इसीलिए आप सभी पूरी जिम्मेदारी के साथ सेन्सस-2027 के पारदर्शी और निष्पक्ष आंकड़े इकट्ठा करेंगे।

उन्होंने जनगणना के प्रथम चरण को समयबद्ध एवं कुशलतापूर्वक संपादित करवाने के लिए सभी फील्ड ट्रेनर्स, मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रगणकों और समस्त दायित्वाधीन कार्मिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े राष्ट्र निर्माण के लिए प्राथमिक एवं आधारभूत हैं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य इष्टतम सटीकता (।बबनतंबल) एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध तरीके से संपन्न होगा। साथ ही उन्होंने आम जनता से बढ़-चढ़कर सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) में प्रतिभाग करने की अपील की।

जनगणना के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए जिला जनगणना अधिकारी सदानंद गुप्ता ने फील्ड ट्रेनर्स को निर्देशित किया कि जनगणना के आंकड़ों का अंकन पूर्ण शुचिता, संवेदनशीलता एवं सटीकता के साथ किया जाए। उन्होंने द्वितीय चरण की जनगणना में पूछे जाने वाले सभी 40 प्रश्नों पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित चर्चा भी की। संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने संस्थान के सुरम्य, शांत एवं मनोरम परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में आए सभी फील्ड ट्रेनर्स का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध की करुणा एवं धम्म प्रवर्तन की इस पावन स्थली में शांति और आनंद का अनुभव करते हुए सभी प्रशिक्षु स्वयं को जनगणना के इस राष्ट्र यज्ञ में समर्पित करें। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 76 फील्ड ट्रेनर्स को चार मास्टर ट्रेनर्स नरसिंह मौर्य, लालधारी यादव, सुजीत सिंह एवं चन्द्र प्रकाश सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर जनगणना की तकनीकी प्रभारी एवं जनगणना इंचार्ज नीलम जी भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एम एल सिंह एवं राजेश सिंह उपस्थित रहे।

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