अनिवार्य प्रश्न। संवाद। मुंबई । बेडशीट, फोटो फ्रेम और फ्लोर मैट जैसे रोजमर्रा के सामान के बीच बड़ी चालाकी से छिपाकर न्यूजीलैंड भेजी जा रही करीब 11 किलो एफेड्रिन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मुंबई में जब्त कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। तस्करों ने कूरियर एजेंसियों और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए ड्रग्स को इस तरह पैक किया था कि सामान्य जांच में उस पर किसी को शक न हो। मामले में चेन्नई के एस. हमीद को गिरफ्तार किया गया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। जब्त ड्रग्स की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट को काफी समय से इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन चेन्नई से किया जा रहा था, जबकि पार्सल मुंबई और पुणे जैसे शहरों से बुक कराए जाते थे ताकि शक न हो। सभी पार्सलों के लिए फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था और उनकी अंतिम मंजिल न्यूजीलैंड थी। 21 जुलाई को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एनसीबी ने मुंबई के एक कूरियर सेंटर में न्यूजीलैंड भेजे जा रहे दो संदिग्ध पार्सलों को रोक लिया। जांच के दौरान इन पार्सलों में फ्लोर मैट मिले। जब अधिकारियों ने फ्लोर मैट और उसके अंदर लगी कपड़े की परतों को अलग किया तो उनके बीच बेहद सफाई से छिपाकर रखी गई 7 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद हुई। कूरियर दस्तावेजों की जांच में सभी कागजात फर्जी निकले। इसी सुराग के आधार पर एनसीबी की टीम चेन्नई के त्रिप्लिकेन इलाके पहुंची और वहां छापेमारी कर एस. हमीद को गिरफ्तार कर लिया। उसके ठिकाने से पैकिंग का सामान, डिजिटल वजन मशीन, सीलिंग मशीन, प्लास्टिक बैग, फर्जी पहचान पत्र और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। आरोपी को 23 जुलाई को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया। पूछताछ के दौरान हमीद ने खुलासा किया कि न्यूजीलैंड के लिए एक और पार्सल पहले ही भेजा जा चुका है। इस सूचना के बाद एनसीबी ने 25 जुलाई को कल्याण से उस पार्सल को भी रोक लिया। जांच में पता चला कि इस बार तस्करों ने एफेड्रिन को बेडशीट और फोटो फ्रेम के बीच इस तरह छिपाया था कि बाहर से देखने पर वह सामान्य घरेलू सामान का पार्सल लगे। इस पार्सल से 3.990 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद हुई। तीनों पार्सलों से कुल 10.990 किलोग्राम एफेड्रिन जब्त की गई। एनसीबी के मुताबिक एफेड्रिन एक ऐसी दवा है जिसका इस्तेमाल सीमित परिस्थितियों में इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट इसका उपयोग मेथाम्फेटामाइन जैसी सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में करते हैं। इसी वजह से इसकी तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में एफेड्रिन कहां से जुटाई गई, इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, फर्जी कूरियर नेटवर्क कैसे संचालित किया जा रहा था और न्यूजीलैंड में इस खेप को किसके पास पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों तक पहुंचने के अहम सुराग मिल सकते हैं। Post navigation प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिला जिम्मा मन की बात मे पीएम मोदी ने कारगिल के वीरों को किया नमन