अनिवार्य प्रश्न। संवाद। सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम का शुभारंभ सुक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंस राज विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह मुख्य विकास अधिकारी विनय सिंह ने नवीन सभागार कलेक्ट्रेट में किया। बच्चों के प्रति शिक्षक की जिम्मेदारी माता-पिता से अधिक होती है। उनके हाथों में ही बच्चे का भविष्य होता है। इसलिए अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारीपूर्वक निभाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के उपचार की व्यवस्था की है, क्योंकि शिक्षकों का रोल विकसित भारत के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री हंस राज विश्वकर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित जिला स्तर के कार्यक्रम के दौरान कहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्य मंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम हंस राज विश्वकर्मा ने शिक्षक और कर्मचारियों से कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कल्याण योजना हैं। इसके तहत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज होगा। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के वार्डन और पीएम पोषण योजना के रसोइये योजना में शामिल हैं। इस दौरान वाराणसी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से कुल 15658 कार्मिक लाभान्वित हुए हैं। इनमें 7510 शिक्षक, 2117 शिक्षामित्र, 445 अनुदेशक, 237 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिक, 68 स्पेशल एजुकेटर और 5281 मध्याह्न भोजन रसोइया शामिल हैं। सभी तहसीलों में भी कार्यक्रम हुए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश महिला उपाध्यक्ष मालती सिंह ने योजना लागू होने का स्वागत किया। एसबीआई के रीजनल मैनेजर सुदीप गुप्ता ने शिक्षकों व संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ महत्वपूर्ण समझौता एमओयू को विस्तार से बताया। बेसिक शिक्षा विभाग के स्थायी एवं अनुबंधित कार्मिकों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रवक्ता राहुल तिवारी ने प्रदेश सरकार की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि शिक्षक कार्मिकों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अच्छी पहल हैं। इस अवसर पर नगर शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय, दिलीप पांडे, प्रवक्ता निजाम खान, स्काउट गाइड धर्मेंद्र सिंह, ज्योति सिंह, रितेश त्रिपाठी, आलोक पाठक समेत सैकड़ों शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षामित्र उपस्थित रहे। Post navigation यूपी टीईटी परीक्षा की ऑफिशियल उत्तर कुंजी जारी, अभ्यर्थी 14 जुलाई तक कर सकेंगे आपत्ति सारनाथ पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई, शातिर चोर गिरफ्तार