अनिवार्य प्रश्न। संवाद। लखनऊ। विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। संसद के मानसून सत्र की तरह यूपी के दोनों सदनों में भी विपक्षी दलों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर हंगामा करने के आसार हैं। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी दलीय नेताओं ने सदन को सुचारू रूप से संचालित करने पर सहमति व्यक्त की। वहीं मंगलवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें अनुपूरक बजट पेश करने पर मुहर लगेगी। बता दें कि विपक्ष विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने पर खासकर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, शिक्षक भर्ती, एक्सप्रेसवे के निर्माण में गड़बड़ी समेत तमाम मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। वहीं सत्तारूढ़ दल के सदस्य भी पूरी तैयारी के साथ विपक्ष के हमलों का जवाब देंगे। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर आजमगढ़ के निजामाबाद से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित होगा। सदन द्वारा उनको श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी जाएगी। मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश करने के साथ अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। वहीं बुधवार और बृहस्पतिवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के साथ विधायी कार्य संपन्न कराकर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।पहली बार सदन में वंदे मातरम का पूर्ण गायन रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार से शुरू हो रहे वर्ष 2026 के तृतीय सत्र के सफल, गरिमापूर्ण एवं सुचारू संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से सकारात्मक सहयोग देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में पहली बार सदन में श्वंदे मातरम्श् का पूर्ण गायन किया जाएगा। सदन लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वाेच्च मंच है जहां सभी सदस्यों को अपनी बात कहने का अवसर मिलेगा। सदन में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं विधानसभा के नियमों के अनुरूप संयमित, मर्यादित एवं गरिमापूर्ण भाषा का प्रयोग होना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सदन का सुचारू संचालन सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सहयोग से ही संभव है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, कांग्रेस की आराधना मिश्रा श्मोनाश्, रालोद के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा के ओपी राजभर, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के कुंवर रघुराज प्रताप सिंह श्राजा भैयाश् सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया। इसके पूर्व विधानसभा की कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी चार दिवसीय विधानमंडल सत्र की कार्यवाही एवं विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। सोमवार से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर विधानभवन से पांच किलोमीटर के दायरे को हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पूरे इलाके में सोमवार सुबह से पूरे इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहेगा। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने रविवार को अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। बीएनएस की धारा 163 लागू होने से पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन और जुलूस पर रोक रहेगी। राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और अन्य सरकारी कार्यालयों के आसपास नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम से 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जाएगी। सत्र के दौरान विधानभवन के आसपास कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा। विधानभवन परिधि में शस्त्र, सिलेंडर, ज्वलनशील पदार्थ व अन्य घातक वस्तुएं ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। Post navigation अपने खास नेताओं से एक बार फिर नाराज हुईं मायावती