अनिवार्य प्रश्न। संवाद। बिहार। शिवहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन से जुड़े बंद समर्थकों के प्रदर्शन से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। प्रदर्शनकारियों के जीरोमाइल चौक पहुंचते ही कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। प्रशासन की सक्रियता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। यहां प्रदर्शनकारी डॉ. भीमराव आंबडेकर के साथ फूलन देवी की तस्वीरें लेकर भी प्रदर्शन कर रहे थे। नीट पेपर लीक मामले को लेकर आहूत बिहार बंद के दौरान समस्तीपुर में भीम आर्मी से जुड़े बंद समर्थकों ने शनिवार को पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला। समाहरणालय गेट पर पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख के और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पुलिस ने पटना में हिरासत में लिया है। तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने निकले थे। इसी दौरान पटना जंक्शन के पास पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद तेज प्रताप के समर्थकों ने आक्रोश जताया। समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिहार बंद का सहरसा में मिला-जुला असर देखने को मिला। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र जिला परिषद प्रांगण से समाहरणालय तक मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार के विभिन्न हिस्सों में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए भर्ती प्रक्रिया में सुधार और समय पर परीक्षाएं कराने की मांग दोहराई। छात्र नेता कुंदन यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई तक आंदोलन जारी रहेगा। बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट रहा और प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों तथा सहरसा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ-जीआरपी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल के जवान तैनात हैं। सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि पूरे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था सामान्य रही और सुरक्षा केबिहार बंद का असर किशनगंज जिले में सीमित रहा। शनिवार को जिले के अधिकांश बाजार सामान्य रूप से खुले रहे और व्यापारिक गतिविधियां जारी रहीं। किशनगंज शहर के डे मार्केट, गांधी चौक, पश्चिम पाली, सुभाषपल्ली, रूईधासा, कैल्टेक्स चौक और उत्तर पाली समेत विभिन्न इलाकों के साथ-साथ बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, पोठिया, कोचाधामन, दिघलबैंक और ठाकुरगंज प्रखंडों में भी बंद का खास असर नहीं दिखा। हालांकि बहादुरगंज के कॉलेज चौक पर सैकड़ों छात्र, युवा और जनप्रतिनिधि धरने पर बैठे तथा नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं किशनगंज शहर के टाउन हॉल में भी शाम चार बजे धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-10 के पास काफी संख्या में छात्र प्रदर्शन करने पहुंचे है। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गांधी मैदान में मोना सिनेमा के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ दिया। सभी लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान तेज प्रताप यादव भी हाथ में तिरंगा लिए दिखे। पटना पुलिस ने सभी छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। समस्तीपुर में जमीन पर लेटकर प्रदर्शन करते आइसा के कार्यकर्ता। – फोटो रू अमर उजालाबिहार बंद के आह्वान का असर शनिवार सुबह से ही समस्तीपुर में देखने को मिला। शहर के पटेल गोलंबर पर बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और नीट पेपर लीक मामले के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की, नारेबाजी की और कई लोग बीच सड़क पर बैठकर तथा लेटकर प्रतीकात्मक विरोध जताते रहे, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। एहतियात के तौर पर क्यूआरटी टीम, टीयर गैस लॉन्चर और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। बिहार बंद का असर मधेपुरा में भी देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और कॉलेज चौक पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र टीपी कॉलेज गेट से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए बढ़ रहे थे, लेकिन कॉलेज चौक पर पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर पर्याप्त पुलिसकर्मी की तैनाती कर दी गई है। अनिसाबाद, इमारते शरिया समेत कई जगहों पर दुकानें सुबह से ही खुली हैं। सबकुछ सामान्य लग रहा है। फुलवारीशरीफ में प्रदर्शन की आशंका है। यहां पर कुछ देर में प्रदर्शनकारी जमा होंगे। हालांकि पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। बिहार बंद का असर नालंदा में भी देखने को मिला। आइसा और आरवाईए के नेतृत्व में करीब 20 प्रदर्शनकारियों की टीम सड़कों पर उतरी और बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करो जैसे नारों वाले बैनर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। Post navigation 28 जुलाई 2026को आयोजित होगी जनसुनवाई 2000 से अधिक क्रिमिनल, 15 एफआईआर, 130 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने दी सारी जानकारी