अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। नीट पेपर लीक समेत मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा- जो हमारे छात्र हैं, जो अनशन पर थे, उनसे मेरी मीटिंग हुई, चर्चा हुई, आंदोलन के बारें में, आरएसएस के बारे में, हिंदुस्तान का जो शिक्षा का सिस्टम है, उस पर कैसे कब्जा किया गया है। मुख्य बात जो हम कहना चाहते हैं कि छात्रों की तीन मांगें हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। ये मैं नहीं कह रहा, देश के छात्र कह रहे हैं। पहला- शिक्षा मंत्री, जो भ्रष्ट और अयोग्य हैं और जिनका रवैया गलत है, उन्हें हटाया जाए…केंद्रीय कैबिनेट में इस बात पर चर्चा हो रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए। भारत के छात्रों को यह मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। वजह यह है कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। वह देश की सबसे कीमती चीज – यानी हमारे छात्रों और उनके भविष्य – की बर्बादी की निशानी हैं। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर करने, पीछे या आगे करने जैसी कोई बात नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा। दूसरा- हजारों युवाओं के पैर और सिर लाठीचार्ज में टूट गए हैं और जिनके शरीर में छर्रे लगे हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है- चाहे वे इसे आयोजित करने वाले हों या इसे अंजाम देने वाले; उन्हें सजा मिलनी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। तीसरा- यह है कि इस पूरे तंत्र के मुखिया, यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, छात्रों और देश के भविष्य के साथ जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए माफी मांगनी होगी। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, श्यह वही सिस्टम है जो उन पर (छात्रों और युवाओं पर) हमला कर रहा है। मैंने उनसे अंदर यही बात कही। मैंने कहा, चिंता मत करो। घबराओ मत। भारत सरकार की पूरी ताकत, सरकार का हर एक व्यक्ति भी आपको वहां से (प्रदर्शन स्थल से) नहीं हटा सकताश्। उन्होंने कहा, श्सरकार को जो करना है, करने दें। अगर वे रोकना चाहते हैं, धमकाना चाहते हैं, तो वे कुछ भी कर सकते हैं… हम पीछे नहीं हटेंगे… वे भारत का भविष्य हैं। कोई उनसे लड़ नहीं सकता। नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं; अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता। राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) समेत कई विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों को आंदोलन में शामिल न होने की सलाह देने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों को डराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा कि सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, उन्हें आंदोलन से नहीं हटा सकती। इस प्रेस वार्ता से पहले कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया गया है। जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नीट पेपर लीक समेत तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखने के साथ-साथ केंद्र पर हमला बोलते हुए दिखाया गया है। इस पोस्ट का शीर्षक है- छात्रों के साथ, हम हमेशा खड़े थे, हैं और रहेंगे। इससे पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक जैसी समस्या को नहीं रोक पा रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर छात्रों के साथ क्रूर व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने सिर्फ अपने अधिकारों की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए। राहुल ने तंज कसते हुए कहा, श्मोदी जी, आप सब कुछ बंद कर सकते हैं; मेट्रो, सड़कें, इंटरनेट – लेकिन एक चीज नहीं रोक पाए, और वह है पेपर लीकश्। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है। इस घटना ने पूरे मामले को और गरमा दिया है। Post navigation 2000 से अधिक क्रिमिनल, 15 एफआईआर, 130 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने दी सारी जानकारी ओरछा को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई कमेटी