UP's 'Robber Groom': Duped 25 women, including an MLA's daughter.UP's 'Robber Groom': Duped 25 women, including an MLA's daughter.

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

लखनऊ। यूपी के सीतापुर में लुटेरा दूल्हा सामने आया है। जो शातिर तरीके से अधिक उम्र की महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। उसने करीब 25 महिलाओं को ठगा है। इनमें कइ राज्यों की महिलाएं भी शामिल हैं। अब इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। पीड़िताओं ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसका पंजीकरण नंबर 20260024292 है। वहीं, विधायक ज्ञान तिवारी ने भी अपने समधी अनुज त्रिवेदी और दामाद प्रखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर ने मिलकर करीब 25 महिलाओं को शादी के जाल में फंसाकर लगभग करोड़ों रुपये की ठगी की। इनमें ज्यादातर महिलाएं 40 वर्ष से अधिक उम्र की थीं। आरोप है कि पीड़िताओं में विधवा, तलाकशुदा और दिव्यांग महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए अनुज अपने बेटे प्रखर को छोटा भाई बताकर मिलवाता था। मामला तब सामने आया, जब विधायक ने अपने समधी और दामाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। विधायक का दावा है कि उनकी एमबीबीएस बेटी भी कथित ठगी का शिकार हुई है। महिला आयोग में शिकायत पहुंचने के बाद मामले की जांच को लेकर हलचल बढ़ गई है।

सीतापुर के चंद्रावल गांव निवासी अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर पर वर्ष 2016 से 2022 के बीच यूपी, महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता और कर्नाटक समेत कई राज्यों में महिलाओं को शादी के नाम पर ठगने का आरोप है। मामले की पहली शिकायत 4 मार्च 2022 को महाराष्ट्र के ठाणे स्थित नयानगर थाने में 75 वर्षीय सरिता (बदला हुआ नाम) ने दर्ज कराई थी। सरिता के मुताबिक, अखबार में शादी का विज्ञापन देखकर ‘अजय अग्रवाल’ नाम से अनुज ने उनकी 45 वर्षीय मांगलिक बेटी से संपर्क किया था। दोनों की शादी 1 मार्च 2019 को हुई। आरोप है कि 22 फरवरी 2022 को अनुज महिला को दिल्ली ले गया और वहां उसके 39 तोले सोने और हीरे के आभूषण उतरवा लिए। इसके बाद उसे मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठाकर अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया।

मामला सामने आने के बाद अमरावती की रंजीता (बदला हुआ नाम) और मुंबई की लीला प्रताप नायर की शिकायतें भी सामने आईं। महाराष्ट्र में चार एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। मिश्रिख के चंद्रावल निवासी अनुज त्रिवेदी पर 25 महिलाओं से अलग-अलग नामों से शादी कर ठगी करने के आरोपों के बीच भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने (7 अगस्त) बृहस्पतिवार को बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी पीड़ा साझा की थी। भावुक विधायक ने कहा था कि वह आज विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि एक पिता के रूप में अपनी बेटी के लिए बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। बाद में अनुज पर कई महिलाओं से शादी और ठगी के आरोपों की जानकारी सामने आई।

विधायक ने कहा कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है और यदि वह चाहेगी तो वह भी अनुज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोपी को ‘दुष्ट व्यक्ति’ बताते हुए फांसी की मांग की। इस दौरान विधायक भावुक हो गए और उन्हें देखकर उनकी बेटी भी रोने लगी। विधायक के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस ने 24 मई को अनुज त्रिवेदी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था। उस पर वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं से शादी कर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। विधायक ने बताया कि उनकी बेटी की शादी वर्ष 2024 में प्रखर से हुई थी। शादी से पहले उन्होंने कई लोगों से जानकारी ली थी और पूर्व सांसद जनार्दन मिश्रा से भी सलाह ली थी।

उन्होंने कहा कि बेटी को एमबीबीएस डॉक्टर बनाने और उसकी शादी के बाद भी परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विधायक ने बताया कि अनुज के खिलाफ वर्ष 2016, 2018, 2020, 2021 और 2022 तक अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल अनुज महाराष्ट्र की जेल में बंद बताया जा रहा है। सीतापुर के अनुज त्रिवेदी पर महिलाओं को अलग-अलग पहचान बताकर शादी के जाल में फंसाने और ठगी करने के गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि अनुज ने अपने बेटे प्रखर की भी मुंबई में चार शादियां कराईं और इन महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की।

इसके बाद 14 फरवरी 2024 को प्रखर की पांचवीं शादी सीतापुर के सेवता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी की एमबीबीएस डॉक्टर बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी से हुई। दोनों का एक बेटा भी है। समधी-दामाद की कथित असलियत सामने आने के बाद ज्ञान तिवारी और उनकी बेटी ने दोनों से रिश्ते तोड़ लिए। 8 अगस्त को विधायक ने अनुज और प्रखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि प्रखर ने प्रज्ञा को जिम में अपना निशाना बनाया। वह उसी जिम में जाने लगा, जहां प्रज्ञा जाती थीं। महंगी कार से आने वाले प्रखर ने धीरे-धीरे उनसे जान-पहचान बढ़ाई और बाद में शादी का प्रस्ताव दिया। प्रज्ञा ने इसकी जानकारी अपने पिता को दी। परिवार की जानकारी जुटाने पर विधायक को बताया गया कि परिवार अच्छा है और मुंबई में रियल एस्टेट का कारोबार करता है।

अनुज ने अपने गांव में भी परिवार की ऐसी ही पहचान बना रखी थी। बताया जाता है कि उसने प्रखर के नाम से एक स्कूल खोल रखा था और सीतापुर रोड पर छठे मील के पास कृष्ण विहार में करीब छह हजार वर्गफीट का मकान भी बनवा रखा था। शुभांगी मांगलिक थीं, जिसके कारण उनकी शादी नहीं हो पा रही थी। उनकी 75 वर्षीय मां सरिता ने वर्ष 2018 में अखबार में शादी का विज्ञापन दिया था। आरोप है कि इसी विज्ञापन के जरिए अनुज ने ‘अजय अग्रवाल’ नाम से शुभांगी से संपर्क किया और खुद को कोलकाता का बिल्डर बताया। बाद में उसने शुभांगी से शादी कर ली और कोविड के दौरान उनके तीन बीएचके फ्लैट में रहने लगा।

शुभांगी के परिवार का आरोप है कि अनुज उनके साथ मारपीट भी करता था। आरोप है कि दबाव बनाकर उसने फ्लैट बिकवा दिया और फ्लैट की रकम समेत करीब 82 लाख रुपये ले लिए। 22 फरवरी को वह शुभांगी को अपने ‘छोटे भाई’ प्रखर की शादी का बहाना बनाकर दिल्ली ले गया। वहां कथित तौर पर शुभांगी के 455 ग्राम सोने के आभूषण उतरवा लिए गए। परिवार का आरोप है कि उस समय शुभांगी के पैर में गंभीर चोट थी। इसके बावजूद उन्हें कथित तौर पर भूखा रखा गया और मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया।

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