अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी लोकसभा चुनाव-2024 की मतगणना पर दिए गए कथित बयान को बताया भ्रामक, आयोग से कारण बताओ नोटिस जारी करने और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण की अपील वाराणसी। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं दी बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कांग्रेस नेता अजय राय द्वारा वाराणसी लोकसभा निर्वाचन-2024 की मतगणना को लेकर दिए गए कथित सार्वजनिक बयान पर गंभीर आपत्ति जताई है। इस संबंध में उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग को विस्तृत प्रार्थना-पत्र भेजते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना-पत्र की प्रतिलिपि भारत की राष्ट्रपति तथा जिलाधिकारी, वाराणसी को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है। अपने प्रार्थना-पत्र में अधिवक्ता त्रिपाठी ने कहा है कि किसी भी संवैधानिक संस्था, विशेषकर भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया पर सार्वजनिक रूप से लगाए जाने वाले आरोप आधिकारिक अभिलेखों और ठोस साक्ष्यों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के दिए गए सार्वजनिक बयान लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि अजय राय के कथित बयान का संज्ञान लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा आरोपों के समर्थन में आधिकारिक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा जाए। यदि आरोप तथ्यहीन या भ्रामक पाए जाएं, तो आयोग अपने अधिकार क्षेत्र और प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने पर विचार करे। साथ ही, जनता के समक्ष तथ्यात्मक स्पष्टीकरण भी जारी किया जाए। अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव संबंधी किसी भी सार्वजनिक दावे का आधार केवल प्रमाणित तथ्य और आधिकारिक अभिलेख होने चाहिए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और जनता का विश्वास अक्षुण्ण बना रहे। Post navigation प्रधानमंत्री ने 14 हजार 422 करोड़ रुपये की 6 परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण और 299 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास सीएम योगी ने शामली में 581 करोड़ की 89 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास