अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में बने अमृत उद्यान के समर एनुअल्स संस्करण-2026 (गर्मियों में खिलने वाले फूलों के संस्करण) की शुरुआत हो चुकी है। यह विशेष उद्यान 15 सितंबर तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक यहां जा सकेंगे। रख-रखाव के लिए हर सोमवार उद्यान बंद रहेगा। अमृत उद्यान आने का तरीका, ऑनलाइन बुकिंग से लेकर मेट्रो और शटल बस प्रवेश और निकास नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास गेट नंबर 35 से होगा। प्रवेश निरूशुल्क है, लेकिन ऑनलाइन स्लॉट बुक करना अनिवार्य है। मौके पर बुकिंग नहीं होगी। स्लॉट बुकिंग पिछले दिन सुबह 10 बजे बंद हो जाएगी। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से हर 30 मिनट पर शटल बस भी चलेगी। इस बार उद्यान में देशी और स्थानीय फूलों के पौधे आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें गुल-मेहंदी, अपराजिता, रुक्मिणी, बरशा फूल, लाल साग और नागफना समेत कई पौधे शामिल हैं। इसके अलावा भी कई खास चीजों को आगंतुकों के लिए विशेष तौर पर तैयार किया गया है। लॉन्ग गार्डन की खास सजावट यहां गुलाब की क्यारियों के साथ करीब 12 फीट ऊंची दीवारों पर बोगनवेलिया, टेकोमा और चमेली जैसी लताएं लगी हैं।सर्कुलर गार्डन और तितलियांरू सर्कुलर गार्डन में 15 से अधिक मौसमी फूलों की किस्में हैं और फूलों पर मंडराती तितलियां इसे खास आकर्षण देती हैं।बरगद का शांत उपवन विशाल बरगद के पेड़ों और उनकी फैली शाखाओं व हवाई जड़ों वाला यह हिस्सा शांत और सुकूनभरा अनुभव देता है।जलधारा बबलिंग ब्रूक गार्डन में धीमी बहती जलधारा, हरियाली और रंग-बिरंगे फूल आगंतुकों को प्रकृति के करीब आने का अवसर देते हैं।पुष्प घड़ी और क्यूआर कोड पिलखन के पेड़ के पास पुष्प घड़ी को उद्यान की अनोखी विशेषता की तरह देखा जाता है।खेल जगत और शिक्षकों के लिए खास इंतजाम29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर क्रमशः खिलाड़ियों और शिक्षकों को विशेष प्रवेश दिया जाएगा।नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास गेट नंबर 35 से उद्यान में प्रवेश, इसी रास्ते से निकास।ऑनलाइन स्लॉट बुक करना जरूरी, आधिकारिक वेबसाइट- visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर होगा रजिस्ट्रेशन।किसी दिन विशेष के लिए स्लॉट की बुकिंग उसके पिछले दिन सुबह 10ः00 बजे बंद हो जाएगी।आगंतुकों की सुविधा के लिए उद्यान भ्रमण पथ पर पेयजल स्टॉल, फर्स्ट एड पोस्ट, रेन शेल्टर और रेस्ट रूम के इंतजाम।प्रमुख पौधों से जुड़ी जानकारी के लिए फत् कोड लगाए गए हैं। इनकी मदद से पौधों-फूलों के वैज्ञानिक नाम, प्रजाति और अन्य जानकारी हासिल कर सकते हैं। बता दें कि लगभग 100 साल पुराने राष्ट्रपति भवन के इस खास बगीचे को अमृत उद्यान का नाम 2023 में दिया गया। इससे पहले 1928-29 में तैयार इस खास जगह को मुगल गार्डन के रूप में जाना जाता था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को इस वर्ष के समर एनुअल्स संस्करण-2026 का उद्घाटन किया था। Post navigation बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया गांधी से की माफी की मांग; बोले- यह लाखों शहीदों का अपमान टीएमसी दफ्तर में मिला पूर्व डिप्टी स्पीकर का शव