अनिवार्य प्रश्न। संवाद। आगरा। चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस (12621) की जनरल बोगी में बुधवार सुबह ट्रॉली बैग में मानव अवशेष से मिलने से आगरा कैंट स्टेशन पर सनसनी फैल गई। बैग से दुर्गंध उठने पर यात्री ने इसकी जानकारी दी। ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंचने पर जीआरपी ने बैग को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। बैग चेन्नई से रखे जाने की आशंका है। एक टीम जांच के लिए टीम चेन्नई भेजी जाएगी। आगरा कैंट स्टेशन पर बुधवार सुबह करीब तीन बजे प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रॉली बैग बरामद किया। बैग में पॉलिथीन में लिपटे हुए मानव अंग मिले। यात्री ने बताया कि बैग से तेज दुर्गंध उठने के कारण बोगी में सवार अन्य यात्री भी दूसरी जनरल बोगी में सवार हो गए। सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि ट्रेन में बुलंदशहर निवासी विशाल नामक यात्री ने ग्वालियर से पहले हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दी थी। ट्रॉली बैग में मृतक का पैर का पंजा, पेट का कुछ हिस्सा मिला है। वे काले पड़ चुके थे। जो पॉलिथीन का रैपर मिला है। वह भी चेन्नई का है। आशंका है कि बैग चेन्नई से ही ट्रेन में रखा गया। किसी व्यक्ति की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए शव को टुकड़ों में काटकर ठिकाने लगाने की आशंका है। उन्होंने बताया कि जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम चेन्नई भेजी जाएगी। तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में लाल ट्रॉली बैग से मिले मानव अवशेषों ने सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में जीआरपी को आशंका है कि हत्या के बाद शव की पहचान मिटाने और उसे ठिकाने लगाने के उद्देश्य से अवशेषों को बैग में भरकर ट्रेन में रखा गया। अब पूरे मामले की कड़ी पोस्टमार्टम, डीएनए जांच और चेन्नई के सीसीटीवी फुटेज के जरिए जोड़ी जाएगी। जीआरपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कर केस चेन्नई स्थानांतरित किया जाएगा, जहां आगे की विवेचना होगी। जीआरपी के सीओ राजेश द्विवेदीने बताया कि सबसे पहले मानव अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट से मृतक की अनुमानित उम्र, मौत का समय और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे, जबकि डीएनए जांच से शव की पहचान स्पष्ट हो सकेगी। रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले यात्री से भी पूछताछ की जाएगी। यात्री ने बताया कि जब वह जनरल कोच में बैठा था, तब एक व्यक्ति लाल रंग का ट्रॉली बैग रखकर चला गया था। जीआरपी अब चेन्नई स्टेशन और कंट्रोल रूम के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी ताकि बैग लेकर आने वाले व्यक्ति, उसकी गतिविधियों और स्टेशन पर बिताए समय का पता लगाया जा सके। स्टेशन से जुड़ने वाले मार्गों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांची जाएगी। सीओ ने बताया कि बृहस्पतिवार को जीआरपी की संयुक्त टीम चेन्नई रवाना होगी। जीआरपी इंस्पेक्टर के अनुसार मिले अवशेषों की स्थिति देखकर आशंका है कि शव पर तेजाब डाला गया हो। इसी कारण अवशेष काले पड़ गए हैं और काफी हद तक गल चुके हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि हत्या अवैध संबंधों या किसी अन्य रंजिश के चलते की गई हो सकती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर उन्हें ट्रॉली बैग के जरिए अलग-अलग स्थानों तक भेजने की साजिश रची गई हो। तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मानव शरीर के अंग मिलने पर रेलवे के वाणिज्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से संदिग्ध ट्रॉली बैग होने की सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचने के बाद भी वाणिज्य विभाग ने कार्रवाई के लिए जरूरी मेमो जारी करने में करीब दो घंटे लगा दिए। इससे आरपीएफ, जीआरपी की वाणिज्य विभाग के अधिकारियों से नोकझोंक हुई। रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों के बीच पहले से भी मतभेद चले आ रहे हैं। आरोप है कि पहले आरपीएफ को मेमो देने से मना कर दिया गया। बाद में जीआरपी इंस्पेक्टर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि विभाग के पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि जब सूचना आरपीएफ और जीआरपी तक पहुंच चुकी है तो कामर्शियल विभाग के पास कैसे नहीं पहुंची। उन्होंने अधिकारियों से लिखित मांगा तो इस बात पर नोकझोंक होने लगी। बाद में मेमो जारी करने पर आगे की कार्रवाई शुरू हो सकी। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि यदि मेमो जारी करने में देरी या समन्वय की कमी हुई है तो मामले को दिखवाया जाएगा। Post navigation मायावती ने अपने भरोसेमंद सहयोगी उमा शंकर सिंह के किए अंतिम दर्शन, दी श्रद्धांजलि चट्टान और पेड़ गिरने से कई प्रमुख हाईवे बंद, मलबे से रास्ते थमे