अनिवार्य प्रश्न। संवाद। बेगूसराय। बेगूसराय के भर्रा में 257 करोड़ की लागत से बन रहा राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय अंतिम चरण में है। यहां बीएएमएस, 14 विषयों में पीजी और 150 बेड अस्पताल की सुविधा मिलेगी।(बेगूसराय, बिहार) । जिले के लोगों के लिए आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भर्रा में निर्माणाधीन राजकीय अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही इस अत्याधुनिक परिसर में छात्रों को बीएएमएस के साथ-साथ स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर की पढ़ाई और मरीजों को बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। भारत सरकार और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से इस महाविद्यालय सह चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की शुरुआत 25 नवंबर 2023 को हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, नए परिसर का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से किया जा रहा है। नवनिर्मित परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालय को तकनीकी सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है, जिससे यहां आयुर्वेद शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके। महाविद्यालय में बीएएमएस पाठ्यक्रम के साथ 14 विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। प्रत्येक विषय में चार-चार सीटों पर स्नातकोत्तर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बेगूसराय आयुर्वेद शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। महाविद्यालय परिसर में 150 बेड का अत्याधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल भी तैयार किया जा रहा है। अस्पताल के शुरू होने के बाद बेगूसराय के साथ-साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दिलीप वर्मा ने बताया कि अस्पताल के संचालन से क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. जेपी शुक्ला ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए भवन में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने का लक्ष्य है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालय बेगूसराय जिले के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। इसके शुरू होने से जहां छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय आयुर्वेद शिक्षा का अवसर मिलेगा, वहीं रोजगार के नए अवसरों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। Post navigation लोकपर्व हरेला पर हरियाली का संकल्प, उत्तराखंड में पौधरोपण अभियान शुरू विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन