अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक शेखर, अधिवक्ता, ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वाराणसी को पत्र प्रेषित कर सिविल एवं आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए पृथक-पृथक न्यायालय अथवा उपयुक्त न्यायिक व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के मामलों की प्रकृति, प्रक्रिया, विधिक प्रावधान, साक्ष्य एवं पत्रावलियों की संरचना अलग होती है। एक ही व्यवस्था में अत्यधिक भार के कारण न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे प्रभावी सुनवाई और शीघ्र निस्तारण प्रभावित होता है। शशांक शेखर ने मांग की कि यदि जनपद स्तर पर निर्णय संभव न हो तो इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि न्यायिक कार्य को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी एवं समयबद्ध बनाया जा सके। Post navigation विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की होगी निर्णायक भागीदारी साकेत नगर में चला बृहद स्वच्छता अभियान, जन जागरूकता रैली और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित