अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद। वाराणसी। बड़ागांव के अहरक गांव में छह फीट के रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को कविता उपाध्याय (50) की मौत के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। बेटे विशाल उपाध्याय ने कहा कि मां की चिता तो जल गई, लेकिन वह पीछे 15 लोगों का परिवार छोड़ गईं परिजनों के मुताबिक, रास्ते की समस्या का असर परिवार की खुशियों और बच्चों की शादी तक पर पड़ा। घर तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं होने के कारण दो बेटों की शादी मंदिर में करनी पड़ी। वहीं, तीन बेटियों की शादी रिश्तेदारों के घर से हुई। परिवार का कहना है कि रास्ते की समस्या के कारण कई बार रिश्ते आते हैं, लेकिन बाद में टूट जाते हैं। अब जिन भाई-बहनों की शादी बाकी है, उनके भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है। बेटे विशाल ने बताया कि रास्ते का विवाद परिवार के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। उनका कहना है कि घर तक वाहन नहीं पहुंच पाने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। आपात स्थिति में भी परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी परेशानी के बीच मां की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।रक्षाबंधन पर फीकी रहीं खुशियां रक्षाबंधन पर जिस आंगन में हर साल बहनों की हंसी गूंजती थी, इस बार वहां मातम पसरा रहा। मृतका की बेटी प्रिया उपाध्याय ने कहा कि हर साल राखी के त्योहार पर घर में खुशियों का माहौल रहता था। इस बार मां के नहीं होने से त्योहार की सारी खुशियां फीकी पड़ गईं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतका के बेटे विशाल उपाध्याय ने शुक्रवार को बड़ागांव थाने में प्रार्थना पत्र देकर मनीष, अमित और ऋषि उपाध्याय पर रास्ता रोकने और उनकी मां को धमकी देने का आरोप लगाया। विशाल का आरोप है कि रास्ते के विवाद और लगातार मानसिक दबाव से परेशान होकर उनकी मां ने आत्महत्या की। वहीं, दूसरे पक्ष के ऋषि उपाध्याय ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले की फुटेज की जांच करा सकता है। बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। Post navigation सीएम योगी का विश्वविद्यालयों को संदेश कैंपस तक सीमित न रहें, रिसर्च और इनोवेशन समाज तक पहुंचाएं