Young Professionals Roundtable organized in Varanasi under the Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026Young Professionals Roundtable organized in Varanasi under the Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

वाराणसी। युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के अंतर्गत Young Professionals Roundtable का आयोजन संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोइराजपुर, वाराणसी में किया गया। कार्यक्रम की थीम “Innovation with Tradition: Building a Modern Bharat” रही।

कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, मेरा भारत (MY Bharat), Young Indians (Yi)- Confederation of Indian Industry (CII) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में युवा प्रोफेशनल्स, उद्यमियों, शिक्षाविदों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं ने सहभागिता की तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर सार्थक संवाद किया।

कार्यक्रम में Young Indians (Yi) की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। Yi के Chair हर्ष जैन, Co-Chair अविनव पेशवानी एवं Past Chair धवल प्रकाश ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए युवाओं को नेतृत्व, नवाचार, उद्यमिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में आयोजित पैनल चर्चा में चिराग माहेश्वरी, कौशिव अग्रवाल एवं शैला धनुका ने पैनलिस्ट के रूप में सहभागिता की। पैनलिस्टों ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए आधुनिक भारत के निर्माण, नवाचार, तकनीक, उद्यमिता, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

चिराग माहेश्वरी ने पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक डिजाइन एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने तथा नवाचार के माध्यम से व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा एवं संस्कृति को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर युवाओं के लिए नए आर्थिक एवं व्यावसायिक अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

कौशिव अग्रवाल ने उन्नत तकनीक एवं सतत विकास आधारित समाधानों पर अपने विचार रखते हुए भारतीय उद्योगों को मजबूत बनाने तथा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान और नवाचार का उपयोग देश के विकास के लिए करने का आह्वान किया।

शैला धनुका ने बाल सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता एवं शिक्षा में नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग, सकारात्मक सोच तथा शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक एवं नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

पैनल चर्चा के दौरान “Young Minds. Bold Ideas. Stronger Bharat.” की भावना के अनुरूप युवाओं को अपने विचार खुलकर रखने का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर अपने विचार, सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा भारत के भविष्य को लेकर नए एवं प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और नई सोच को अपनाकर एक आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है। युवाओं को अपनी परंपराओं से जुड़े रहते हुए वैश्विक स्तर की सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान युवा नेतृत्व, उद्यमिता, नवाचार, तकनीक, सतत विकास, डिजिटल जागरूकता, शिक्षा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मक सोच, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को सही दिशा और अवसर प्रदान कर विकसित भारत के लक्ष्य को नई गति दी जा सकती है। ऐसे संवाद युवाओं को विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का समापन युवाओं से नवाचार और भारतीय परंपरा के समन्वय के माध्यम से विकसित, आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के आह्वान के साथ हुआ।

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