Former Delhi Minister Satyendar Jain arrested by ACB; named in a scam.Former Delhi Minister Satyendar Jain arrested by ACB; named in a scam.

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

नई दिल्ली । दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टेंडर में हुए बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मंगलवार को एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और डीजेबी के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय (आईएएस) सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी विजिलेंस निदेशालय की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर नंबर 10/2024 के तहत की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) और आईपीसी की धारा 420, 409, 418 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।

सत्येंद्र कुमार जैन – पूर्व जल मंत्री, दिल्ली सरकार
उदित प्रकाश राय (आईएएस) – पूर्व सीईओ, दिल्ली जल बोर्ड
अंकित श्रीवास्तव – पूर्व संविदा सलाहकार, दिल्ली जल बोर्ड
राज कुमार कुर्रा – मालिक, मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्रा. लि.
नागेंद्र यादव – प्रोपराइटर, मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज
पंकज वर्मा – प्रोपराइटर, मेसर्स सृजनहार

एसीबी की जांच में सामने आया है कि दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी के अपग्रेडेशन और विस्तार से जुड़े टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और आपराधिक साजिश रची गई। टेंडर की तकनीकी शर्तों में जानबूझकर इस तरह के बदलाव किए गए जिससे केवल एक ही कंपनी श्मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्रा. लि.श् को फायदा मिले और अन्य कंपनियों के लिए प्रतियोगिता खत्म हो जाए। प्रस्तावित पायलट स्टडी को दरकिनार कर दिया गया और तकनीकी स्पेसिफिकेशन में मनमाने बदलाव किए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से पता चला है कि टेंडर की शर्तें तय होने से पहले ही प्राइवेट कंपनियों के लोग सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के लगातार संपर्क में थे।

जांच में एक बड़े मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) का भी भंडाफोड़ हुआ है। बिचौलिया कंपनियों श्मेसर्स सृजनहारश् और मेसर्स एएन एंटरप्राइजेजश् के जरिए रिश्वत की रकम ट्रांसफर की गई। तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय (आईएएस) और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत सीधे बैंकिंग चौनल के माध्यम से भेजी गई।

यह रकम नागेंद्र यादव की कंपनी श्एएन एंटरप्राइजेजश् से आई थी, जिसे मुख्य ठेकेदार कंपनी श्यूरोटेकश् ने फंड किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रिश्वत की रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। फिलहाल, एसीबी ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी अब पूरे मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों का सुराग लगा रही है।

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