अनिवार्य प्रश्न। संवाद। नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने वाले बड़े आयोजनों में से एक सेमीकॉन इंडिया 2026 का आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में इसके पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में दुनिया भर की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री एक मंच पर जुटी है। इस दौरान पीएम मोदी ने यशोभूमि में युवाओं से भारत के सेमीकंडक्टर मिशन पर संवाद किया। इस कार्यक्रम में 52 देशों से 600 से ज्यादा कंपनियां शामिल हो रही हैं। पीएम मोदी ने कहा अब भारत के प्लांट से चिप निकलकर दुनिया तक पहुंचना शुरू हुआ है। पीएम ने कहा कि इतने कम समय में किसी भी देश के लिए ये करना आसान नहीं है, लेकिन भारत ने यह उपलब्धी हासिल की। मोदी ने इंडस्ट्री लीडर्स को देश की नींव बताया और कहा की आप हमारे पार्टनर हैं। पीएम ने आगे कहा, विकसित भारत बनाने के लिए हर देशवासी एक कमिटमेंट के साथ जुटा है। अगर हम बीते 15 दिनों को ही देखें तो अंदाजा लगता है, भारत किस दिशा में किस तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सितंबर में, 10 दिन पहले, मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट हुआ। इसमें एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए इंक्लूसिव फाइनेंस पर चर्चा हुई। पीएम ने कहा, ष्एक तरफ भारत की इकोनॉमी बढ़ रही है, दूसरी तरफ भारत पर दुनिया का भरोसा भी बढ़ता जा रहा है। इसी दौरान जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरिन रेटिंग में सुधार किया है, अपग्रेड किया है, यह करीब 35 साल बाद हुआ है। पीएम मोदी ने कहा की सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज में 8 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया था, जिसे दूसरे फेज में बढ़ाकर 30.5 बिलियन डॉलर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब भारत की कंपनियां सेमीकंडक्टर डिजाइन करने के लिए बाहर की कंपनियों से साझेदारी कर रही हैं। इतना ही नहीं देश में चिप फैब्रिकेशन और सिलिकन फोटोनिक्स पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए जरूरी बुनियादी आधार तैयार किया जा चुका है। हम भारत में चिप कंपनियों को सुनहरा अवसर दे रहे हैं, देश उनके लिए किसी श्गोल्डमाइनश् से कम नहीं है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जाएगा। इसका विषय सिलिकॉन टू सिस्टम्सरू बिल्डिंग द इकोसिस्टम रखा गया है। इस सम्मेलन में वैश्विक कंपनियों के साथ नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आयोजन का मकसद सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग, निवेश, इनोवेशन और कुशल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा वैश्विक उद्योग संगठन सेमी के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 की प्रदर्शनी में 52 देशों से 600 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। प्रदर्शनी के लिए लगभग 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में 150 से ज्यादा वक्ता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें चिप निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। कार्यक्रम में छह देशों के पवेलियन बनाए गए हैं। वहीं, 12 राज्य सरकारों की ओर से भी अलग पवेलियन लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्टार्टअप, इनोवेशन, छात्र, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित विशेष मंच होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और समाधान पेश करेंगे। वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल से जुड़े अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा। इस बार कार्यक्रम में सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स नाम से नया वैल्यू चेन एक्सपीरियंस भी तैयार किया गया है। इसके जरिए आगंतुकों को सेमीकंडक्टर की पूरी प्रक्रिया एक जगह समझने का मौका मिलेगा। इसमें कच्चे माल और चिप निर्माण से लेकर एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतिम सिस्टम तक का सफर दिखाया जाएगा। सेमिकॉन इंडिया 2026 में स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस का भी आयोजन होगा। इसका उद्देश्य नए आइडिया, शोध और तकनीकी समाधानों को उद्योग के सामने लाना है। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सप्लाई चेन की मजबूती, अनुसंधान, एडवांस्ड पैकेजिंग और प्रतिभा विकास जैसे मुद्दों पर भी रणनीतिक चर्चा होगी। उद्घाटन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रमुख अधिकारियों के साथ राउंडटेबल बैठक की। उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के अगले चरण में उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत की प्रतिभा, तकनीक अपनाने की क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी ताकत बताते हुए कंपनियों से कौशल विकास, इनोवेशन और नई तकनीकों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। बैठक में माइक्रोन, इंटेल, एएमडी, एएसएमएल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन, आईबीएम रिसर्च और कई अन्य वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सेमिकॉन इंडिया 2026 ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। दुनिया में चिप की मांग बढ़ने और सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद बनाने की जरूरत के बीच भारत के लिए नए निवेश और साझेदारी के अवसर बन रहे हैं। Post navigation एआई वर्चस्व की लड़ाई: चीन ने घटाया अमेरिका से फासला, बढ़ी वैश्विक चिंता प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर खेल जगत ने पीएम को दीं शुभकामनाएं