अनिवार्य प्रश्न। संवाद। उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक युवक ने पत्नी और दो मासूमों की गोली मारकर हत्या कर ली। इसके बाद खुद भी गोली मारकर जान दे दी। पुलिस जांच में जुटी है। बलरामपुर के कोतवाली देहात इलाके के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम हुई दर्दनाक वारदात ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया। महज एक सप्ताह पहले मुंबई से गांव लौटे 28 वर्षीय बजरंग गिरी का हंसता-खेलता परिवार कुछ ही पलों में खत्म हो गया। ग्रामीणों के अनुसार बजरंग गिरी तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दोनों बड़े भाई पिछले करीब 15 वर्षों से मुंबई में ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। करीब एक माह पहले बजरंग भी भाइयों से मिलने मुंबई गए थे और सप्ताहभर पहले ही गांव लौटे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि घर लौटने के कुछ दिन बाद ही ऐसा हादसा हो जाएगा। छोटे भाई राम कुमार ने बताया कि कोमल गृहिणी थीं। तीन वर्षीय श्रद्धा पूरे दिन घर के बाहर खेलती रहती थी, जबकि 10 माह के जयदीप को गोद में खिलाने के लिए पड़ोस की महिलाएं भी अक्सर पहुंच जाती थीं। बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला घर अब सन्नाटे में डूब गया है। घटना के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया। ग्रामीणों को करीब एक माह पहले की वह घटना भी याद आ रही है, जब घर के बरामदे में खड़ी स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई थी। वाहन पूरी तरह जल गया था, लेकिन आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। चार मौतों के बाद गांव में उस घटना की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर नहीं देख रही है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बजरंग के मुंबई प्रवास, मोबाइल फोन, पारिवारिक संबंधों, आर्थिक गतिविधियों और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। गांव के बुजुर्ग राजकरन ने कहा कि एक साथ पूरे परिवार को इस तरह उजड़ते पहली बार देखा है। चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहकर जांच की निगरानी करते रहे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि अधिकारियों को हर पहलू की गहन जांच के निर्देश दिए गए। देर रात देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल भी गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली। बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम करीब 6.50 बजे हुई गोली कांड की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया। घर के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्य खून से लथपथ पड़े मिले। मृतकों में 28 वर्षीय बजरंग गिरी, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कोमल, तीन वर्षीय पुत्र और महज 10 माह का मासूम शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पहले पत्नी और दोनों बच्चों को गोली मारी गई और उसके बाद बजरंग गिरी ने खुद को गोली मार ली। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो घर के भीतर चारों के शव पड़े थे। सूचना पर कोतवाली देहात पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी तथा फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे घर को सील कर साक्ष्य जुटाए गए और घंटों तक घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। मृतक के भाई राम कुमार गिरी ने बताया कि घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि चारों को कट्टे से गोली मारी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। पुलिस मोबाइल फोन, पारिवारिक परिस्थितियों, आर्थिक और सामाजिक पहलुओं समेत हर संभावित एंगल की जांच कर रही है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से गोसाई पुरवा गांव में मातम पसरा है। देर रात तक पुलिस की मौजूदगी में जांच जारी रही और गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। गांव का कोई व्यक्ति कुछ बोलने को तैयार नहीं है। Post navigation पीएम मोदी ने भोगापुरम हवाई अड्डे का किया उद्घाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत