New momentum for the food processing sector; 9 investment projects approved—a major step towards making UP a trillion-dollar economy.New momentum for the food processing sector; 9 investment projects approved—a major step towards making UP a trillion-dollar economy.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देना है। इसी उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को निवेश, तकनीक, वित्तीय सहायता और त्वरित अनुमोदन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में गठित अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राप्त 11 निवेश प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के उपरांत 9 प्रस्तावों को निर्धारित शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (ैस्म्ब्) के समक्ष स्वीकृति हेतु संस्तुत किया गया। लगभग ₹70 करोड़ के निवेश वाले इन प्रस्तावों में बरेली से दो, गोरखपुर से दो तथा कानपुर नगर, ललितपुर, बदायूँ, लखनऊ और हापुड़ से एक-एक परियोजना शामिल हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना के अंतर्गत 99 प्रतिशत ऋण वितरण के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। यह उपलब्धि डबल इंजन सरकार की प्रभावी नीतियों, विभागीय प्रयासों तथा बैंकिंग संस्थाओं के समन्वय का परिणाम है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट औसतन 20 दिनों में जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्वीकृत इकाइयाँ अब औसतन 200 दिनों में क्रियाशील हो रही हैं। पूर्व में यही प्रक्रिया लगभग 500 दिन लेती थी, जिससे उद्योग स्थापना की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ष्विकसित भारतष् के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह क्षेत्र किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास और कृषि आधारित उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सभी प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक निवेशक प्रदेश में उद्योग स्थापित करें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। साथ ही उद्योगों में सौर ऊर्जा एवं हरित तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाए, जिससे उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बन सकें।

बैठक में बैंकर्स के साथ योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए जुलाई माह के अंत तक 31,000 स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न बैंकों में लंबित 6,208 आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया ताकि पात्र उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके और निवेश प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

बैठक के दौरान आम उत्पादकों एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों और किसानों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही गोरखपुर की क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के निवेशक श्री नवीन अग्रवाल ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी का आईपीओ सफलतापूर्वक लॉन्च होकर बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर चुका है। इसे पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध व्यवस्था विकसित कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार, ग्रामीण विकास और प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी एवं निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश शीघ्र ही एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर निर्णायक कदम बढ़ाएगा।

Powered by Syahi Prakashan | Anivarya Prashna News & Web Group