New twist in the story of five deaths; police and family at odds over son's death.New twist in the story of five deaths; police and family at odds over son's death.

अनिवार्य प्रश्न। संवाद।

आजमगढ़। आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या के बाद तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले अरविंद कुमार ने पुलिस टीम पर भी गोलियां बरसा दीं। करीब सात घंटे तक पुलिस उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाती रही। इसी दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। बच्चों की जान बचाने के लिए एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और आरक्षी प्रदीप ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। पुलिस के अंदर पहुंचते ही आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

वहीं, आरोपी की गोली से घायल नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खूनी घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को भाई की आत्मा शांति के लिए की जा रही पूजा के दौरान हुए विवाद से हुई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसने पूजा के लिए आए दो पुजारियों को भी बेरहमी से मार डाला। यह जघन्य वारदात यहीं नहीं रुकी।

तीन हत्या करने के बाद आरोपी अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर चला गया। उसने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। घर के अंदर उसके तीन मासूम बच्चे मौजूद थे, जो इस भयावह स्थिति के गवाह बन गए। करीब सात घंटे तक पुलिस ने आरोपी अरविंद से बातचीत करती रही। पुलिस का मुख्य प्रयास था कि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और आरोपी भी आत्मसमर्पण कर दे।

कई घंटे तक बातचीत चलने के बाद अचानक घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इस अप्रत्याशित घटना से पुलिस को अंदेशा हुआ कि अब हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया। घर में प्रवेश के लिए पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस अंदर दाखिल हुई तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम के अंदर पहुंचते ही आरोपी अरविंद सिंह ने गोलियां बरसा दीं। उसने लगातार चार-पांच राउंड फायर किए। आरोपी के पास छह राउंड की रिवॉल्वर थी और उसने अपनी सभी गोलियां चला दी थीं। पुलिस के मुताबिक, अंदर का मंजर बेहद गंभीर था, जहां आरोपी का दस साल का बेटा पहले ही गोली लगने से घायल हो चुका था। वहीं, आरोपी के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों में से एक बच्ची उसके हाथ से नीचे गिर गई थी। पुलिस और परिजनों ने अरविंद को आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दे रहा था। करीब सात घंटे बाद कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एसपी समेत पुलिस टीम ने तत्काल दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

अंदर आरोपी का नौ वर्षीय बेटा शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। उसे तत्काल लाइफ लाइन अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया।

मंगलवार शाम को आरोपी अरविंद सिंह के घर पर प्रेत बाधा दूर करने के लिए एक अनुष्ठान चल रहा था। बाजार से लौटने के बाद अरविंद ने पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडितों महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग के बाद अरविंद ने अपने बच्चों के साथ खुद को घर में बंद कर लिया। सूचना मिलने पर वाराणसी जोन के एडीजी और जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

आरोपी की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने आरोप लगाया कि आठ वर्षीय शौर्य सिंह की मौत पुलिस की गोली से हुई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। आरोपी की गोली से घायल बच्चे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

अरविंद सिंह के घर में तीन-चार दिन से पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम को अरविंद बाजार से घर पहुंचा। उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडितों की मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले।

Powered by Syahi Prakashan | Anivarya Prashna News & Web Group