'Sahityik Sangam' and 'Rachanavali' to be released on Chandra Ma Singh's 93rd birth anniversary.'Sahityik Sangam' and 'Rachanavali' to be released on Chandra Ma Singh's 93rd birth anniversary.

अनिवार्य प्रश्न। ब्यूरो संवाद।

राजेश्वरी महिला पीजी कॉलेज में परिचर्चा, काव्यपाठ और साहित्यकारों का होगा सम्मानजनक समागम

वाराणसी। साहित्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षाविद स्वर्गीय चंद्रमा सिंह की 93वीं जयंती के अवसर पर कल राजेश्वरी महिला पीजी कॉलेज, हरहुआ के सभागार में भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राजेश्वरी एजुकेशनल एंड चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी किया जा रहा है। ट्रस्ट के चेयरमैन एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘चंद्रमा सिंह रचनावली’ भाग-दो का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही चंद्रमा सिंह के साहित्यिक अवदान, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे।

समारोह की अध्यक्षता देश के प्रख्यात इतिहासविद राघवशरण शर्मा करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद प्रोफेसर रामानंद राय उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इंदीवर होंगे। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियां अपनी रचनाओं का काव्यपाठ प्रस्तुत करेंगे। साहित्य प्रेमियों को एक ही मंच पर चिंतन, विमर्श और सृजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों ने साहित्यकारों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं साहित्य प्रेमियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है। यह आयोजन स्वर्गीय चंद्रमा सिंह के साहित्यिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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